हैदराबाद, 16 अक्टूबर (भाषा) युवा सलामी बल्लेबाज सनत सांगवान (नाबाद 211) और पदार्पण कर रहे आयुष दोसेजा (209) के दोहरे शतकों की बदौलत दिल्ली ने बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए तिलक वर्मा की अगुवाई वाली हैदराबाद के खिलाफ रणजी ट्रॉफी ग्रुप डी मुकाबले के दूसरे दिन चार विकेट पर 529 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।
जवाब में हैदराबाद ने भी अच्छी शुरुआत की और स्टंप तक 17 ओवर में एक विकेट पर 77 रन बना लिए। अनुभवी तन्मय अग्रवाल 27 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि उनके साथी सलामी बल्लेबाज राहुल सिंह 35 रन बनाकर प्रतिद्वंद्वी कप्तान आयुष बदोनी की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए।
बृहस्पतिवार का दिन दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों सांगवान और दोसेजा के नाम रहा जिन्होंने चौथे विकेट के लिए 319 रन की विशाल साझेदारी निभाई। इससे पहले टीम 113 रन पर तीन विकेट गंवाकर असहज स्थिति में थी।
सांगवान ने 470 गेंद की पारी में कई गेंदें छोड़ीं जबकि दोसेजा ने खुलकर खेलते हुए अपनी पारी में सिर्फ 279 गेंदें खेलीं।
पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली का शीर्ष क्रम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था जिससे दोनों बल्लेबाजों के बीच 300 रन की साझेदारी खास रही क्योंकि दोनों ने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक बनाया।
दिन की शुरुआत में सांगवान शतक से नौ रन से पीछे थे और दोसेजा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए तीन रन की दरकार थी।
आईपीएल के युवा स्टार और हाल में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए के लिए शतक जड़ने वाले प्रियांश आर्य डगआउट में बैठे थे। सलामी बल्लेबाज अर्पित राणा जल्दी आउट हो गए जिससे उनका चयन सवालों के घेरे में है।
सांगवान ने अपनी पारी में 21 चौके और तीन छक्के लगाए तो वहीं दोसेजा ने 25 चौके और पांच छक्के जड़े। ‘नेक्स्ट जेन’ क्रिकेट मैदान की पिच गेंदबाजों के लिए बिलकुल भी मददगार नहीं थी और दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने हैदराबाद की खराब गेंदबाजी का पूरा फायदा उठाया।
कप्तान तिलक ने भी पांच ओवर ऑफ स्पिन गेंदबाजी की जो इस मैच के बाद ऑस्ट्रेलिया रवाना होंगे।
दोसेजा ने बाएं हाथ के स्पिनर गंगम अनिकेत रेड्डी की खूब धुनाई करते हुए उन पर 11 चौके और दो छक्के लगाए।
वहीं श्रीनगर में पारस डोगरा ने जम्मू-कश्मीर के लिए शानदार नाबाद शतक जड़ते हुए कप्तानी पारी खेली लेकिन मुंबई ग्रुप डी के मैच में पहली पारी में बढ़त के करीब लग रही है।
मुंबई ने पहली पारी 386 रन पर समाप्त की जिसमें जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज युद्धवीर सिंह ने पांच विकेट (96 रन देकर) लिए और शम्स मुलानी (91) को शतक बनाने का मौका नहीं दिया।
इसके बाद जम्मू-कश्मीर ने दूसरे दिन स्टंप तक सात विकेट पर 273 रन बना लिए।
जम्मू-कश्मीर एक समय छह विकेट पर 166 रन बनाकर लड़खड़ा रहा था। लेकिन अपने 23वें प्रथम श्रेणी सत्र में खेल रहे और जल्द ही 41 साल के होने वाले डोगरा (नाबाद 112 रन) ने आबिद मुश्ताक (40) के साथ सातवें विकेट के लिए 68 और आकिब नबी (15 बल्लेबाजी) के साथ आठवें विकेट के लिए 39 रन की अटूट साझेदारी की।
पुडुचेरी में ग्रुप के एक अन्य मैच में हिमाचल प्रदेश ने मयंक डागर (83 रन) के अर्धशतक से पहली पारी में 305 रन बनाए जिसमें पुडुचेरी के सागर उदेशी ने 88 रन देकर सात विकेट झटके। जवाब में पुडुचेरी ने स्टंप तक 96 रन पर आठ विकेट गंवा दिए।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर