राष्ट्रीय निशानेबाजी कोच पर साइ की जांच, एनआरएआई अनजान

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राष्ट्रीय निशानेबाजी कोच पर साइ की जांच, एनआरएआई अनजान

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 06:43 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 06:43 PM IST

… अजय मसंद …

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों से जुड़े भारत के एक शीर्ष राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर चेन्नई में निशानेबाजी परिसर के निर्माण का ठेका हासिल करने के प्रयास को लेकर हितों के टकराव के आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, संबंधित कोच भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अंतर्गत भारत के शीर्ष शॉटगन निशानेबाजों को ओलंपिक, आईएसएसएफ विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण देते हैं। साइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया, ‘‘खेल प्राधिकरण के मुख्यालय को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। स्टेडियम विभाग और दिल्ली क्षेत्रीय निदेशक को इसकी जांच करने के लिए कहा गया है। मुझे अभी तक इस मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता का नाम मुझे याद नहीं है, लेकिन शिकायत नाम सहित दर्ज कराई गई है। यह गुमनाम शिकायत नहीं है इसलिए सरकारी प्रक्रिया के अनुसार इसकी विधिवत जांच की जाएगी।’’ एक पूर्व निशानेबाज ने पीटीआई से बातचीत में दावा किया कि यह शिकायत चेन्नई में निशानेबाजी परिसर निर्माण के ठेके से जुड़ी है। उनके अनुसार निविदा प्रक्रिया में असफल रहने वाले एक बोलीदाता ने पूरे मामले को सतर्कता विभाग (विजिलेंस) के समक्ष उठाया है। सूत्र ने बताया, ‘‘चेन्नई में लगभग 15-16 करोड़ रुपये की लागत से पांच ‘शॉटगन रेंज’ बनाई जानी थीं। संबंधित शॉटगन कोच ने भी इस ठेके के लिए आवेदन किया था जिसके बाद प्रतिद्वंद्वी बोलीदाता ने विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि लंबित जांच के कारण संबंधित कोच को 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय कोचिंग दल से बाहर रखा जा सकता है। सूत्र के मुताबिक, ‘‘राष्ट्रीय राइफल संघ भी जांच पूरी होने तक उन्हें एशियाई खेलों के लिए कोचों की सूची से बाहर कर सकता है।’’ इस संबंध में पूछे जाने पर एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने मोबाईल पर भेजे संदेश के जरिए बताया कि वह विमान में होने के कारण टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं। महासंघ के अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव ने फोन कॉल, संदेश और व्हाट्सऐप पर भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। एनआरएआई की ओर से जनसंपर्क एजेंसी द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘महासंघ को किसी भी कोच की निजी व्यावसायिक या कारोबारी गतिविधियों की जानकारी नहीं है।’’ बयान के मुताबिक, ‘‘हमें किसी भी कोच के खिलाफ विजिलेंस जांच की जानकारी नहीं है। एशियाई खेलों के तैयारी शिविर के लिए कोचों की सूची को आंशिक मंजूरी मिली है, जिसमें कुछ नाम शामिल नहीं हैं। इस संबंध में हम साइ से आगे के स्पष्टीकरण और निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ उल्लेखनीय है कि इस मामले में आरोपों का सामना कर रहे शॉटगन कोच ने भी फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। इस बीच आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों से जुड़े राष्ट्रीय ‘हाई परफॉर्मेंस’ राइफल कोच मनोज कुमार भी साई की जांच के दायरे में हैं। उन पर सरकारी स्वामित्व वाली कर्णी सिंह निशानेबाजी परिसर में निजी कोचिंग चलाने तथा उनके निजी प्रशिक्षण सत्र में भाग नहीं लेने वाले निशानेबाजों के साथ कथित भेदभाव करने के आरोप हैं। पचास मीटर राइफल स्पर्धा के मुख्य कोच मनोज कुमार के खिलाफ जांच जारी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, हाल में साइ मुख्यालय में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें प्रभावित निशानेबाजों और उनके अभिभावकों की शिकायतें दर्ज की गईं। भाषा आनन्द नमितानमिता