जमशेदपुर से ड्रा खेलकर ईस्ट बंगाल ने हासिल किया सत्र का पहला अंक

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जमशेदपुर से ड्रा खेलकर ईस्ट बंगाल ने हासिल किया सत्र का पहला अंक

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  • Publish Date - December 10, 2020 / 04:27 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:22 PM IST

गोवा, 10 दिसंबर (भाषा) शुरूआती तीनों मैचों में हार का सामना करने वाली ईस्ट बंगाल की टीम ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के अपने चौथे मैच में जमशेदपुर एफसी को गोल रहित ड्रा पर रोक कर इस फुटबॉल टूर्नामेंट के सातवें सत्र में अपना पहला अंक हासिल किया।

ईस्ट बंगाल के लिए हालांकि यह ड्रॉ एक बड़ी सफलता की तरह रही क्योंकि टीम को 25वें मिनट के बाद से ही 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर होना पड़ा।

इस मैच के बाद ईस्ट बंगाल के खाते में एक अंक जुड़ गया है। वह 11 टीमों की तालिका में अब भी अंतिम स्थान पर है। दूसरी ओर, जमशेदपुर के पांच मैचों से छह अंक हो गए हैं। मौजूदा सत्र में यह उसका तीसरा ड्रॉ है। वह पांचवें स्थान पर है।

मध्यांतर से पहले कई मौके बनाने के बाद भी जमशेदपुर की टीम सफलता हासिल नहीं कर सकी। ईस्ट बंगाल के लिए हालांकि यह हाफ निराशजनक रहा क्योंकि युगेंसेन लिंगदोह को 21वें मिनट में पीला कार्ड दिखाया गया था और फिर 25वें मिनट में फाउल के लिए उन्हें दूसरा पीला कार्ड मिला, जो लाल कार्ड में परिवर्तित हो गया। इसके बाद टीम को मैदान में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

जमशेदपुर के स्टार नेरीजुस वाल्सकिस ने 29वें मिनट में गोल करने का शानदार मौका चूक गए। वाल्सकिस का वॉली पोस्ट से महज कुछ इंच दूर से निकल गया। 38वें मिनट में अइतोर मोनरॉय ने कार्नर किक लिया। स्टीफन इजे ने ऊपर उठते हुए हेडर लिया लेकिन गेंद क्रासबार के टकराकर लौट गई।

दूसरे हाफ के शुरुआती 15 मिनट दोनों टीमों के लिहाज से निराशाजनक रहे। इस दौरान दोनों ने मौका तलाशने की कोशिश की लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। 58वें मिनट जमशेदपुर के लालडिनलियाना रेनथेलेई को पीला कार्ड मिला। 61वें मिनट में ईस्ट बंगाल को हैमस्ट्रींग के कारण अपने चोटिल गोलकीपर शंकर रॉय को मैदान से बाहर भेजना पड़ा। देबजीत मजूमदार ने उनका स्थान लिया।

ईस्ट बंगाल ने 83वें मिनट में बॉक्स में पहुंचकर गोल करने की कोशिश की लेकिन जमशेदपुर के कप्तान पीटर हार्टले ने उसे नाकाम कर दिया। इंजुरी टाइम में जमशेदपुर के लालडिनलियाना रेनथेलेई को दूसरा पीला कार्ड मिला। अब दोनों टीमें 10-10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थीं पर कोई भी इस स्थिति का फायदा नहीं उठा सका और दोनों अंक बांटने पर मजबूर होना पड़ा।

भाषा आनन्द पंत

पंत