Modi Cabinet Decisions: तेल कंपनियों को बिना ब्याज के एडवांस में पैसा देगी मोदी सरकार, यहां होगा कोस्‍टल हाईवे का निर्माण, कैबिनेट की बैठक में लगी मुहर

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तेल कंपनियों को बिना ब्याज के एडवांस में पैसा देगी मोदी सरकार, यहां होगा कोस्‍टल हाईवे का निर्माण, Modi Cabinet Decisions Today Latest News

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 04:58 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 04:58 PM IST

नई दिल्लीः Modi Cabinet Decisions: देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई है। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। मोदी सरकार ने तेल कंपनियों (OMCs) को बिना किसी ब्याज के एडवांस पैसा देने का फैसला लिया है। सरकार ने इसके लिए 10,000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। सरकार की मानें तो यह मदद इसलिए दी जा रही है ताकि पश्चिम एशिया के संकट की वजह से एविएशन फ्यूल के दाम में हो रहे भारी उतार-चढ़ावा को काबू किया जा सके और एयरलाइंस कंपनियों को कोई परेशानी न हो। सरकार के इस फैसले से एविएशन सेक्टर से जुड़ी 77 लाख जॉब्स सुरक्षित रहने की उम्मीद है।

Modi Cabinet Decisions: कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने कई बड़े और जरूरी फैसले लिए हैं। आज 6 बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। पहला फैसला हवाई जहाज के ईंधन (ATF) की बढ़ती कीमतों और एविएशन सेक्टर पर इसके असर को लेकर है, जो पश्चिम एशिया के संकट की वजह से हुआ है। इस असर को कम करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ‘ATF प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड’ बनाया गया है।

नए कोस्‍टल हाईवे का होगा निर्माण

कैबिनेट समिति ने आज ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक एक नए तटीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह निर्माण ‘हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल’ (HAM) के तहत दो पैकेजों में किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 160.18 किलोमीटर और कुल पूंजीगत लागत 8300.79 करोड़ रुपये होगी।

पुराने ट्रकों-बसों को बदलने के लिए सहायता

कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक दो-वर्षीय योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य दिल्ली-NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करना और स्वच्छ गतिशीलता (क्‍लीनर मोबिलिटी) को बढ़ावा देना है। इस योजना के लिए वित्तपोषण आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) के जरिये किया जाएगा। इसका कार्यान्वयन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की ओर से किया जाएगा। इसे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे सहभागी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से लागू किया जाएगा। इस स्‍कीम पर 5041 करोड़ रुपये का खर्च होगा।