इंग्लैंड के चार विकेट पर 135 रन

इंग्लैंड के चार विकेट पर 135 रन

इंग्लैंड के चार विकेट पर 135 रन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 pm IST
Published Date: January 7, 2022 11:35 am IST

सिडनी, सात जनवरी ( एपी ) बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टॉ ने चौथे एशेज टेस्ट के वर्षाबाधित तीसरे दिन आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के शुरूआती झटकों से इंग्लैंड को निकाला और चाय तक चार विकेट पर 135 रन तक पहुंचा दिया ।

इंग्लैंड अभी भी आस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर से 281 रन पीछे है ।

स्टोक्स और बेयरस्टॉ ने 99 रन की साझेदारी की । स्टोक्स को दो बार जीवनदान मिले जब पैट कमिंस अपनी ही गेंद पर उनका कैच लपकने से चूक गए और फिर पगबाधा के मैदानी अंपायर के फैसले पर रिव्यू लेकर वह कामयाब रहे ।

चाय के समय स्टोक्स 52 और बेयरस्टॉ 45 रन बनाकर खेल रहे थे ।

स्टोक्स जब नौ रन पर थे तब कमिंस ने उनका रिटर्न कैच छोड़ा । अगर वह आउट हो जाते तो 50 रन से भी कम पर इंग्लैंड के पांच विकेट होते । इसके बाद कैमरन ग्रीन की गेंद पर उन्हें पगबाधा आउट दिया गया लेकिन उन्होंने तुरंत रिव्यू लिया और कामयाब रहे ।

इससे पहले आस्ट्रेलिया के तेज आक्रमण के सामने एक बार फिर इंग्लैंड की कमजोर बल्लेबाजी की कलई खुल गई और लंच तक उसने चार विकेट महज 36 रन पर गंवा दिये थे ।

अपने कल के स्कोर बिना किसी नुकसान के 13 रन से आगे खेलते हुए इंग्लैंड ने लगातार विकेट गंवाये । बारिश के कारण खेल 90 मिनट विलंब से शुरू हुआ और मिशेल स्टार्क तथा स्कॉट बोलैंड ने इंग्लैंड की पारी की कमर तोड़ दी ।

लंच से ठीक पहले डेविड मलान को कैमरन ग्रीन ने स्लिप में उस्मान ख्वाजा के हाथों लपकवाया ।

इससे पहले हसीब हमीद जब दो रन पर थे तो मिशेल स्टार्क के दूसरे ओवर में विकेटकीपर एलेक्स कारी ने उन्हें जीवनदान दिया । हमीद हालांकि इसका फायदा नहीं उठा सके और अगले ओवर में ही स्टार्क ने उन्हें पवेलियन भेजा ।

जाक क्रॉली (18) को बोलैंड ने आउट किया और अगले ओवर में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट उनका शिकार हुए जिन्होंने स्लिप में कैच थमाया ।

मेलबर्न में तीसरे टेस्ट में सात रन देकर छह विकेट लेने वाले बोलैंड ने चार ओवर में कोई भी रन दिये बिना दो विकेट लिये ।

बारिश के बावजूद सिडनी क्रिकेट ग्राउंड शुक्रवार को गुलाबी रंग में रंगा था । पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के चैरिटी फाउंडेशन के लिये सिडनी टेस्ट का तीसरा दिन ‘ गुलाबी ’ होता है । पिछले 14 साल से यह परंपरा चली आ रही है ।

एपी

मोना

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