एफईआई ने चुनाव नहीं करने पर ईएफआई को निलंबित करने की चेतावनी दी

एफईआई ने चुनाव नहीं करने पर ईएफआई को निलंबित करने की चेतावनी दी

एफईआई ने चुनाव नहीं करने पर ईएफआई को निलंबित करने की चेतावनी दी
Modified Date: September 22, 2026 / 03:43 pm IST
Published Date: September 22, 2026 3:43 pm IST

… अमनप्रीत सिंह …

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी महासंघ (एफईआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद नये संविधान को अंतिम रूप नहीं देने और चुनाव करने में विफल रहने पर भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को निलंबित करने की चेतावनी दी है। एफआईआई ने सुशासन सिद्धांतों के उल्लंघन का हवाला देते हुए ईएफआई को लिखे पत्र में कहा कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था भारत के खेल कानून (राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम यानी एनएसजी) के अनुरूप संविधान के तहत सदस्यों द्वारा निर्वाचित शासी निकाय का गठन नहीं किया गया है। तदर्थ समिति का गठन 27 मार्च को किया गया था और उसे 27 जून तक चुनाव संपन्न कराने थे। इस पैनल में एफआईआई के ‘गवर्नेंस निदेशक’ फ्रांसिस्को लीमा, अधिवक्ता विदुषपत सिंघानिया और कर्नल अशोक यादव भी शामिल थे। यादव को हालांकि मई में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने हटा दिया था, वहीं पैनल की प्रमुख यशोधरा राजे सिंधिया और लीमा पिछले महीने पैनल से अलग हो गए। एफआईआई ने ईएफआई को लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया है, जिसके बाद संभावित निलंबन पर विचार के लिए 13 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड बैठक में एक रिपोर्ट पेश की जाएगी। एफईआई के पत्र में उसके संविधान के अनुच्छेद 8.3 का उल्लेख किया गया है, जिसके तहत बोर्ड किसी राष्ट्रीय महासंघ को सुनवाई का अवसर देने के बाद अनुच्छेद दो में निर्धारित सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर निलंबित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ने विशेष रूप से अनुच्छेद 2.11 का हवाला दिया है, जो एफईआई और राष्ट्रीय महासंघों से नैतिकता तथा ओलंपिक और खेल आंदोलन के मूल सिद्धांतों सहित सुशासन के बुनियादी सिद्धांतों को बढ़ावा देने का आह्वान करता है। भाषा आनन्द पंतपंत


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