पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू ने प्रदर्शनरत किसानों के समर्थन में द्रोणाचार्य लौटाने की पेशकश की

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पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू ने प्रदर्शनरत किसानों के समर्थन में द्रोणाचार्य लौटाने की पेशकश की

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  • Publish Date - December 4, 2020 / 09:44 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:03 PM IST

नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) पूर्व राष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच गुरबक्श सिंह संधू ने शुक्रवार को कहा कि अगर नये कृषि नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह अपना द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटा देंगे।

संधू के कार्यकाल में ही भारत ने मुक्केबाजी का पहला ओलंपिक पदक हासिल किया था। वह दो दशक तक भारत के राष्ट्रीय पुरूष कोच रहे ,जिसके बाद वह दो वर्षों से महिला मुक्केबाजों को कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों का समर्थन करने का उनका तरीका है जो इतनी ठंड में खुद की परवाह किये बिना आंदोलन कर रहे हैं।

संधू ने पटियाला में अपने घर से पीटीआई से कहा, ‘‘मैं किसानों के परिवार से आया हूं, उनके डर को संबोधित किया जाना चाहिए। अगर चल रही बातचीत से किसानों के लिये संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’

विजेंदर सिंह जब 2008 में ओलंपिक पदक जीतने वहले भारतीय मुक्केबाज बने थे, तब संधू राष्ट्रीय कोच थे और उनकी कोचिंग के दौरान ही आठ भारतीय मुक्केबाजों ने लंदन 2012 ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था।

संधू को इससे पहले ही 1998 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह पुरस्कार मेरे लिये काफी मायने रखता है लेकिन साथी किसानों का दुख इससे भी ज्यादा अहमियत रखता है। इस सर्दी में उन्हें सड़कों पर बैठे हुए देखना मेरे लिये बहुत कष्टकारी है। सरकार को उनसे बातचीत करने की जरूरत है और उनके संदेहों को दूर करके उन्हें आश्वस्त करने की जरूरत है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर इसका संतोषजनक हल निकलता है तो मैं ऐसा नहीं करूंगा लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’

कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है जिसमें पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कृत पहलवान करतार सिंह, अर्जुन पुरस्कृत बास्केटबॉल खिलाड़ी साजन सिंह चीमा और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं।

भाषा नमिता मोना

मोना