Jhiram Ghati Attack Update: 13 साल बाद झीरम घाटी केस में आज होगा सजा का ऐलान, 10 आरोपी दोषी करार, हमले में कई दिग्गज कांग्रेस नेताओं की हुई थी मौत

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Jhiram Ghati Attack Update: झीरम घाटी कांड के सभी 10 आरोपियों की सजा का ऐलान आज यानी 16 सितंबर को किया जाएगा।  

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 07:52 AM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 07:54 AM IST

Jhiram Ghati Attack Update/image: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • झीरम केस में 10 दोषियों को आज सुनाई जाएगी सजा
  • जगदलपुर की NIA स्पेशल कोर्ट सजा सुनाएगी
  • 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुआ था हमला

Jhiram Ghati Attack Update: जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को शनिवार को दोषी ठहराया। इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। वहीं आज यानि की 16 सितंबर को सभी आरोपियों की सजा का ऐलान किया जाएगा।

NIA की विशेष अदालत ने 10 लोगों को ठहराया था दोषी

NIA की विशेष अदालत द्वारा 10 लोगों को आरोपी बनाए जाने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने बताया था कि जगदलपुर में एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभय सिंह राजपूत की अदालत ने दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया। उन्होंने बताया था कि अदालत ने सजा की अवधि पर आदेश 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है। (Jhiram Ghati Attack Update) सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। चौधरी ने कहा, “हम इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। हमें अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है। इसके बाद ही अपील के आधार के बारे में बता पाएंगे।” यह हमला 25 मई 2013 को हुआ था जब माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर घात लगाकर हमला किया था।

नक्सल हमले में हुई थी दिग्गज कांग्रेस नेताओं की मौत

Jhiram Ghati Attack Update: इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल तथा वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे। यह रैली 2013 के अंत में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी। घटना के बाद राज्य पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन रमन सिंह नीत तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने हमले के दो दिन के भीतर ही इसकी जांच एनआईए को सौंप दी थी। राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का भी गठन किया था।

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