कोलकाता, 22 अगस्त (भाषा) ईस्ट बंगाल की भिड़ंत रविवार को यहां होने वाले डूरंड कप फाइनल में जब अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट से भिड़ेगी तो भावनाएं चरम पर होंगी और इतिहास भी दांव पर लगा होगा।
ईस्ट बंगाल के कोच एंटोनियो लोपेज हबास रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले 17वें डूरंड कप खिताब पर नजरें लगाए हुए हैं।
हबास के लिए यह फाइनल भारतीय फुटबॉल में उनकी शानदार यात्रा में एक और अध्याय जोड़ने का मौका है। वहीं ईस्ट बंगाल के लिए यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी के लिए 22 साल के इंतजार को खत्म करने और अपने चिर प्रतिद्वंद्वी के 17 डूरंड कप खिताब की बराबरी करने का मौका है।
स्पेन के हबास इससे पहले मोहन बागान और तत्कालीन एटीके (एटलेटिको डि कोलकाता) को कई आईएसएल खिताब दिला चुके हैं। पिछले सत्र में कोच ऑस्कर ब्रुजोन के जाने और प्रायोजक इमामी के साथ क्लब का जुड़ाव खत्म होने के बाद हबास ने नए रूप में तैयार की गई ईस्ट बंगाल टीम की कमान संभाली थी।
लेकिन हबास ने कम समय में ही टीम पर अपनी छाप छोड़ दी है। उनकी टीम ने संगठित खेल और मिडफील्ड में बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया है।
इस नयी ईस्ट बंगाल टीम ने रक्षात्मक संगठन, अनुशासन और धैर्य पर अधिक जोर दिया है। साथ ही उसने आक्रमण में इतना दमखम भी बरकरार रखा है कि मौका मिलने पर वह विपक्षी टीम को परेशान कर सके।
भाषा नमिता आनन्द
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