कंपाउंड तीरंदाजी में स्वर्ण की हैट्रिक: महिला, पुरुष और मिश्रित टीम बनी चैंपियन

कंपाउंड तीरंदाजी में स्वर्ण की हैट्रिक: महिला, पुरुष और मिश्रित टीम बनी चैंपियन

कंपाउंड तीरंदाजी में स्वर्ण की हैट्रिक: महिला, पुरुष और मिश्रित टीम बनी चैंपियन
Modified Date: September 30, 2026 / 01:10 pm IST
Published Date: September 30, 2026 1:10 pm IST

नागोया, 30 सितंबर (भाषा) भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने शानदार वापसी करते हुए बुधवार को यहां चीन को रोमांचक फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में अपना खिताब बरकरार रखा और इसी स्पर्धा में मिश्रित टीम तथा महिला टीम के बाद शीर्ष पर रहकर स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की।

इस तरह भारत ने हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में जीते अपने तीनों कंपाउंड तीरंदाजी खिताब बरकरार रखे।

कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की भारतीय टीम फाइनल में दो अंक से पीछे थी लेकिन उसने अंतिम चरण में शानदार वापसी करते हुए चीन को 238-237 से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की।

चीन की टीम में जियाहाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी शामिल थे। चीन को रजत पदक मिला।

सेमीफाइनल में भारत ने चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंघो की दक्षिण कोरियाई टीम को 236-229 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिश्रित तीरंदाजी जोड़ी ने इससे पहले फाइनल में रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया।

चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की फांगयाओ एफ वेई और जिनयी लियू ने कांस्य पदक जीता।

भारत इस तरह 2028 ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम वर्ग के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला देश बन गया। लॉस एंजिलिस खेलों में यह स्पर्धा पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम का हिस्सा होगी।

भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था।

इससे पहले ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-234 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले स्कोर के साथ एशियाई खेलों का अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। ज्योति पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।

पुरुष फाइनल में भारत नौ अंक के दो निशानों के कारण पहले चरण के बाद 58-60 से पीछे था। हालांकि अगले चरण में भारतीय टीम ने छह परफेक्ट 10 के निशाने लगाए जिससे दूसरे चरण के बाद टीम 118-120 से पीछे थी।

तीसरे चरण के बाद भारत ने अंतर घटाकर एक अंक कर दिया और स्कोर 178-179 हो गया। इसके बाद चीन के जियाहाओ लियाओ ने आठ अंक का निशाना लगाया जबकि भारत ने अंतिम छह शॉट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोमांचक जीत दर्ज की।

महिला फाइनल के बाद पृथिका ने कहा, ‘‘हम एक-दूसरे को आगे बढ़ाते रहे और लगातार कहते रहे कि हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। अगर हमारे में से किसी का एक खराब शॉट, यानी नौ अंक का निशाना भी लगा तो हमने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और कहा कि जो आपको सबसे अच्छा आता है उसी पर वापस ध्यान दो और उसी पर ध्यान बनाए रखो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह बड़ा टूर्नामेंट है लेकिन आखिरकार सामने वही लोग होते हैं और मुझे वही तीरंदाजी करनी होती है। इसलिए ईमानदारी से कहूं तो मेरा ध्यान सिर्फ इसी पर था। हालांकि अपनी टीम की साथियों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है।’’

भारतीय कंपाउंड महिला टीम ने फाइनल में दबदबा कायम रखते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने इस उपलब्धि के दौरान दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। दक्षिण कोरिया ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में यह स्कोर बनाया था।

चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं जिन्होंने रजत पदक जीता।

भारत ने यहां ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर कांस्य पदक जीता।

ज्योति ने कहा, ‘‘प्रतिस्पर्धा बहुत अच्छी रही, सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में। हमने टीम के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता इसलिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।’’

मिश्रित फाइनल में शूट ऑफ में चिकिता और साहिल दोनों ने 10 अंक के निशाने लगाए जबकि चोई केवल नौ अंक हासिल कर सके जिससे भारत का स्वर्ण पदक पक्का हो गया।

चिकिता ने कहा, ‘‘यह मेरे पहले एशियाई खेल हैं और मैंने मिश्रित तथा टीम स्पर्धा में पदक जीते। मैं इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर सकती थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘महिला टीम का स्वर्ण पदक जीतने के बाद मिश्रित टीम के फाइनल के लिए मेरे पास ज्यादा समय नहीं था। मैं जल्दबाजी में थी और हमें खुद को तैयार करने के लिए बस थोड़ा समय मिला।’’

शूट ऑफ से पहले चौथे चरण के अंत में चिकिता और साहिल दोनों ने नौ-नौ अंक हासिल किए।

अपने इस शॉट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं सोच रही थी कि अब आगे क्या होगा? शूट ऑफ में मैंने सोचा कि मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। मैंने शांत रहने की कोशिश की और अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद मैंने 10 अंक का निशाना लगाया। निशाना लगाने के बाद मुझे लगा कि यह उतना करीब नहीं था। मेरे दिमाग में कई चीजें चल रही थीं लेकिन अंत में हमने स्वर्ण पदक जीत लिया।’’

इससे पहले महिला टीम के फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार परफेक्ट 10 के निशाने लगाए और पहला एंड 60-58 से अपने नाम किया।

फाइनल में भारत की महिला तिकड़ी ने शानदार शुरुआत की और लगातार परफेक्ट 10 के निशाने लगाते हुए पहला चरण 60-58 से अपने नाम किया।

गत चैंपियन भारतीय टीम ने दबदबा जारी रखते हुए दूसरा चरण भी 60-58 से जीता और अपनी बढ़त बढ़ाई। इसके बाद अंतिम चरण से पहले भारत कुल 178-176 से आगे था।

दबाव में चीन की टीम ने दो बार नौ अंक हासिल किए जबकि भारत ने छह परफेक्ट 10 के साथ एक और शानदार चरण पूरा किया। इस तरह भारतीय टीम ने ना केवल अपना खिताब बरकरार रखा बल्कि विश्व रिकॉर्ड की भी बराबरी की।

भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। पिछले सत्र में भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक जीते थे।

भाषा सुधीर पंत

पंत


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