मैड्रिड, छह जुलाई (भाषा) नये कोच डेव कजिंस के साथ भारतीय कंपाउंड तीरंदाज मंगलवार से यहां शुरू हो रहे विश्व कप के चौथे और आखिरी चरण में पिछले खराब प्रदर्शन को भुलाकर जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेंगे जबकि रिकर्व तीरंदाज एशियाई खेलों से पहले शानदार लय कायम रखना चाहेंगे ।
जापान में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों से पहले यह भारतीय तीरंदाजों का आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है ।
दुनिया के सबसे कामयाब कंपाउंड तीरंदाजों में से एक अमेरिका के कजिंस तीन महीने पहले ही भारतीय टीम से जुड़े हैं । भारतीय कंपाउंड टीम ने हांगझोउ एशियाई खेलों में सभी पांच स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था । इटली के सर्जियो पाग्नी उस समय भारत के कोच थे लेकिन उनके जाने के बाद से प्रदर्शन में गिरावट आई है ।
इस सत्र में विश्व कप के तीन चरण में भारत एक स्वर्ण और एक कांस्य ही जीत सका है । पिछले महीने अंताल्या चरण से टीम खाली हाथ लौटी ।
दूसरी ओर रिकर्व टीम आत्मविश्वास के साथ यहां पहुंची है जिसकी अगुवाई पेरिस ओलंपियन धीरज बोम्मदेवरा कर रहे हैं । धीरज ने अंताल्या में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता कोरिया के ली वू सियोग को हराकर पहली बार विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता ।
उनके साथ यशदीप भोगे, अतनु दास (चौथे सदस्य) और नीरज चौहान टीम में होंगे । महिला टीम की अगुवाई अंकिता भकत करेंगी । उनके साथ कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा टीम में हैं जबकि दीपिका कुमारी चौथी सदस्य हैं ।
भाषा मोना सुधीर
सुधीर