ओलंपिक के लिये भारतीय टीम का चयन तीन अप्रैल को, एनआरएआई प्रत्येक स्पर्धा के लिये दो रिजर्व रखेगा

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ओलंपिक के लिये भारतीय टीम का चयन तीन अप्रैल को, एनआरएआई प्रत्येक स्पर्धा के लिये दो रिजर्व रखेगा

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  • Publish Date - March 28, 2021 / 01:29 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:46 PM IST

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रणिंदर सिंह ने रविवार को कहा कि तोक्यो ओलंपिक के लिये टीम की घोषणा तीन या चार अप्रैल को की जायेगी और कोविड-19 महामारी के खतरे को देखते हुए प्रत्येक स्पर्धा में दो रिजर्व निशानेबाजों को शामिल किया जायेगा।

भारतीय निशानेबाजों ने देश के लिये 15 ओलंपिक कोटे हासिल कर लिये हैं लेकिन महासंघ की चयन नीति के अंतर्गत फाइनल टीम का चयन खेलों से पहले सभी टूर्नामेंटों और ट्रायल्स के स्कोर को देखकर किया जायेगा।

रणिंदर ने यहां खत्म हुए आईएसएसएफ विश्व कप के समाप्त होने के बाद कहा, ‘‘मैं तीन या चार अप्रैल को घोषणा की योजना बना रहा हूं लेकिन यह लोगों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा क्योंकि मैं ‘जूम कॉल’ (ऑनलाइन) पर करने के बजाय बैठक में मिलकर ऐसा करना चाहता हूं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर हमें जूम पर भी टीम का चयन करना पड़ा तो हम जूम पर ही टीम चुन लेंगे। मैं अभी टीम चुन लेना चाहता हूं ताकि उन्हें अपनी तैयारियों के लिये समय मिल जाये, वैसे ही इतनी देर हो चुकी है। हालांकि हमें रैंकिंग कोटा छह जून तक ही पता चलेगा लेकिन मैं तब तक इंतजार नहीं कर सकता। ’’

रणिंदर ने कहा, ‘‘एनआरएआई जब ओलंपिक टीम की घोषणा करेगा तो प्रत्येक स्पर्धा के लिये दो रिजर्व की घोषणा भी करेगा ताकि ओलंपिक से पहले कोई वायरस से संक्रमित हो जाये या बीमार हो जाये तो हमारे पास खिलाड़ी रहे। ’’

महासंघ ओलंपिक टीम को तोक्यो ओलंपिक तक ‘बायो बबल’ में रखने की कोशिश करेगा क्योंकि देश में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

एनआरएआई अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वे देश में कोविड-19 के मामले बढ़ने के संबंध में सरकारी सलाह का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही वे निशानेबाजों के परिवार से भी इस संबंध में चर्चा शुरू करेंगे क्योंकि सभी को भरोसे में लिया जायेगा, यह व्यक्तिगत फैसला है और एनआरएआई इसके लिये बाध्य नहीं कर सकता। ’’

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) के उपाध्यक्ष रणिंदर ने कहा कि वह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि खिलाड़ी खेल से संपर्क में रहें और ओलंपिक खेलों के समय अपनी फार्म के शिखर पर हों।

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दा यह है कि उन्हें आराम की जरूरत है। हमारे एथलीट काफी अनुभवी हैं, लेकिन अगर आपको नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिलेगा तो भले ही आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हो लेकिन आप फार्म में नहीं दिखोगे। हम तैयार हैं लेकिन हमें यह अनिरंतरता दूर करने की जरूरत है। ’’

भाषा नमिता पंत

पंत