कोरिया को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में, नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पर

कोरिया को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में, नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पर

कोरिया को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में, नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पर
Modified Date: September 30, 2026 / 05:41 pm IST
Published Date: September 30, 2026 5:41 pm IST

काकामिगाहारा, 30 सितंबर (भाषा) शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला हॉकी टीम एशियाई खेलों में 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने के करीब पहुंच गई जिसने बुधवार को दक्षिण कोरिया को 2 . 0 से हराकर आठ साल बाद फाइनल में जगह बनाई ।

भारत के लिये इशिका ने 44वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया जबकि चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल दागा ।

एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिर्फ एक बार दिल्ली में 1982 में स्वर्ण पदक जीता था जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया । पिछली बार भारत ने कांस्य जीता और 2018 में रजत पदक जीता था ।

भारत का सामना अब मौजूदा चैम्पियन चीन से होगा जिसने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में उसे सेमीफाइनल में 4 . 0 से हराया था । चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को पेनल्टी शूटआउट में 4 . 2 से मात दी ।

भारत और चीन का सामना पिछले महीने नीदरलैंड में एफआईएच विश्व कप के ग्रुप मैच में हुआ था जिसमें भारत ने उसे 2 . 2 से ड्रॉ पर रोका था । भारतीय टीम विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन करके पांचवें स्थान पर रही थी जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था ।

दक्षिण कोरिया और जापान कांस्य पदक के लिये खेलेंगे ।

ग्रुप चरण में सारे मैच जीतकर अजेय रही भारतीय टीम को पिछली बार की रजत पदक विजेता कोरिया के डिफेंडरों ने बांधे रखा और मैच में बारह पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका ।

भारत ने पहले दो क्वार्टर में आठ पेनल्टी कॉर्नर बनाये लेकिन गोल नहीं हो सका ।

भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर दूसरे ही मिनट में मिला लेकिन दीपिका की फ्लिक को कोरियाई गोलकीपर सियोयिओन ली ने कुशलता से बचाया । दो मिनट बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर नवनीत कौर को कामयाबी नहीं मिली ।

कोरियाई गोलकीपर ने 13वें मिनट में फिर बचाव किया जब दूर से मिले पास पर रूतुजा पिसाल का डिफ्लैक्शन सफल नहीं रहा ।

दूसरे क्वार्टर में भारत को तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका । दूसरे हाफ में भी भारत ने लगातार हमले बोले जबकि कोरिया का डिफेंस मजबूत रहा ।

भारत का पहला गोल 44वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार वैरिएशन के जरिये दीपिका ने किया । दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर सीधे फ्लिक नहीं लगाते हुए गेंद इंजेक्टर इशिका को सौंपी जिसने डिफ्लैक्शन पर स्कोर करके कोरियाई डिफेंस को चौका दिया ।

चार मिनट बाद दाहिने ओर से अकेले गेंद लेकर कोरियाई सर्कल में पहुंची कप्तान सलीमा ने बेहतरीन फील्ड गोल दागा ।

भारत को 57वें मिनट में मिला पेनल्टी कॉर्नर भी बेकार गया जिस पर दीपिका गोल नहीं कर पाई । मैच के आखिरी पलों में कोरिया को लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा ।

भाषा

मोना नमिता

नमिता


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