उलटफेर की जगह नीदरलैंड की नजरें प्रदर्शन में निरंतरता पर: बास डि लीडे
उलटफेर की जगह नीदरलैंड की नजरें प्रदर्शन में निरंतरता पर: बास डि लीडे
(हिमांक नेगी)
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) ऑलराउंडर बास डि लीडे ने कहा है कि वैश्विक प्रतियोगिताओं में ऊंची रैंकिंग वाली टीमों को चौंकाने के लिए मशहूर नीदरलैंड की टीम अब सिर्फ कुछ उलटफेर से आगे बढ़कर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहती है।
डि लीडे ने कहा कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करना नीदरलैंड की टीम के लिए हर भूमिका, हर परिस्थितियों और खेल के हर चरण में मुख्य लक्ष्य बन गया है।
डि लीडे ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह अपने मजबूत पक्षों को और मजबूत बनाना और मैं जो कर रहा हूं उसमें प्रदर्शन में अधिक निरंतरता लाना है, फिर चाहे वह गेंदबाजी को या बल्लेबाजी।’’
डि लीडे ने अलग-अलग परिस्थितियों से निपटने के लिए बिना लचीलेपन की योजना के बजाय अनुकूलन क्षमता को प्राथमिकता देने के बारे में बात की।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा चेन्नई में एक तैयारी शिविर था जहां हमने अलग-अलग तरह की मिट्टी की पिच पर ट्रेनिंग की। यह समझने की कोशिश की कि गेंदबाजी के मामले में क्या काम करता है और बल्लेबाजी के मामले में सबसे अच्छी रणनीति क्या है।’’
गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में नीदरलैंड के महत्वपूर्ण खिलाड़ी डि लीडे के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जितना तकनीकी है, उतना ही मानसिक भी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे दोनों पारियों में असर डालने में सक्षम होना पसंद है। यह महत्वपूर्ण है कि जब दोनों में से कोई एक चीज अच्छी हो या अच्छी नहीं हो तो भावनाओं में नहीं बहें। हम मैच से पहले बहुत सारी योजना बनाते हैं इसलिए मैं बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में रणनीति पर टिके रहने की कोशिश करता हूं और फिर जो मेरे सामने होता है, उसके हिसाब से खुद में बदलाव करता हूं।’’
डि लीडे के आंकड़े इस प्रारूप में उनकी बढ़ती विश्वसनीयता को दिखाते हैं। चौबीस साल के इस खिलाड़ी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 120 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 700 से अधिक रन बनाए हैं और 30 से अधिक विकेट लिए हैं।
डि लीडे ने कहा कि शीर्ष टीमों के साथ नियमित रूप से खेलने से टीम के अंदर उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खेलने के अनुभव से पता चला है कि उस स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए क्या चाहिए। मेरे लिए यह कौशल का विकास करने और प्रदर्शन में अधिक निरंतरता लाने के बारे में रहा है।’’
डि लीडे ने शुरुआती वर्षों में उनके खेल को आकार देने के लिए अपने पिता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी टिम डि लीडे को भी श्रेय दिया जिन्होंने भारत में 1996 का विश्व कप खेला था।
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द

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