ईरानी महिला फुटबॉल टीम शरण की अर्जी वापस लेने के बाद मलेशिया से ओमान रवाना होगी

ईरानी महिला फुटबॉल टीम शरण की अर्जी वापस लेने के बाद मलेशिया से ओमान रवाना होगी

ईरानी महिला फुटबॉल टीम शरण की अर्जी वापस लेने के बाद मलेशिया से ओमान रवाना होगी
Modified Date: March 16, 2026 / 03:56 pm IST
Published Date: March 16, 2026 3:56 pm IST

कुआलालंपुर, 16 मार्च (एपी) ईरानी महिला फुटबॉल टीम सोमवार रात को मलेशिया से रवाना होगी जिससे कई दिनों से चली आ रही अनिश्चितता की स्थिति खत्म हो जाएगी। ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगकर कूटनीतिक विवाद खड़ा करने वाली टीम की सात सदस्यों में से अधिकतर ने अपने फैसले बदल लिए हैं और कुआलालंपुर में फिर से टीम से जुड़ गए हैं।

एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) के महासचिव विंडसर जॉन ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि टीम के सोमवार रात को रवाना होने का इंतजाम ईरानी दूतावास ने किया है।

विंडसर ने कहा कि कुआलालंपुर में ईरानी टीम की मदद कर रहे एएफसी को बताया गया है कि वे ओमान जा रहे हैं लेकिन वह उनकी अंतिम मंजिल नहीं है। एएफसी महासचिव ने कहा कि उन्हें टीम की पूरी यात्रा योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या परिसंघ इस बात से संतुष्ट है कि ईरान लौटने पर ये महिलाएं सुरक्षित रहेंगी तो विंडसर ने कहा कि एएफसी और विश्व फुटबॉल की संचालन संस्था फीफा दोनों ही ईरानी फुटबॉल महासंघ के साथ मिलकर नियमित रूप से उनका हालचाल पूछते रहेंगे ‘क्योंकि वे हमारी भी बेटियां हैं।’

ऑस्ट्रेलिया में महिला एशियाई कप से बाहर होने के बाद टीम 10 मार्च को सिडनी से कुआलालंपुर के लिए रवाना हुई थी। शुरुआत में टीम की छह खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ का एक सदस्य टीम के साथ रवाना नहीं हुए थे जिन्होंने सुरक्षा वीजा स्वीकार कर लिया था।

तब से चार खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ का एक सदस्य कुआलालंपुर में टीम से फिर से जुड़ गए हैं। सबसे आखिरी सदस्य सोमवार को यहां पहुंचा। इन लोगों के मन बदलने का कोई कारण नहीं बताया गया है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले ईरानी समुदाय के लोग इसके लिए तेहरान के दबाव को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

विंडसर ने पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि उनके संघ को खिलाड़ियों से स्वदेश लौटने के बारे में कोई सीधी शिकायत नहीं मिली है जबकि मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि शुरुआती मैच से पहले टीम द्वारा अपना राष्ट्रगान नहीं गाने के कारण ईरान में उनके परिवारों को बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

ईरान के अधिकारियों ने महिलाओं के शरण लेने से इनकार करने के फैसले का स्वागत किया है और इसे ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जीत बताया है।

ईरान की टीम 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने से कुछ ही दिन पहले इस टूर्नामेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी। युद्ध के कारण यात्रा इंतजामों में काफी दिक्कतें हो रही हैं।

एपी सुधीर मोना

मोना


लेखक के बारे में