नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) अध्यक्ष अरुण धूमल ने बृहस्पतिवार को कहा कि बेंगलुरु में लीग का फाइनल करवाना ‘नामुमकिन’ हो गया था क्योंकि वहां के स्टेडियम की क्षमता कम है और राज्य सरकार की तरफ से मुफ्त टिकटों की बहुत ज्यादा मांग थी।
अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में 1.30 लाख दर्शक बैठ सकते हैं और यह 31 मई को टी20 टूर्नामेंट के फाइनल की मेज़बानी करेगा।
नियम के मुताबिक बेंगलुरु को ही पहले मेजबान चुना गया था क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) पिछली बार की चैंपियन टीम है।
हालांकि बीसीसीआई ने बुधवार को कहा कि ‘स्थानीय संघ और अधिकारियों की कुछ ऐसी मांगें थीं जो बीसीसीआई के तय नियमों और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं इसलिए यह बदलाव किया गया है।’
धूमल ने पीटीआई से बात करते हुए उन दिक्कतों के बारे में विस्तार से बताया जिनका सामना बीसीसीआई को करना पड़ा। कर्नाटक सरकार के पास राज्य के विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों के लिए तीन-तीन मुफ्त आईपीएल टिकटों का कोटा है जिसे ऐसे स्टेडियम में लागू करना मुश्किल होता जहां 40,000 से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकते।
उन्होंने कहा, ‘‘असल में तो यह बेंगलुरु में ही होना चाहिए था। हमने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ से बात की। पिछले साल जो घटना हुई (भगदड़), उसकी वजह से उन्हें कुछ दिक्कतें थीं। राज्य सरकार को विधायकों को मुफ्त टिकट देने होते हैं और केएससीए के अपने सदस्यों के लिए कुछ और वादे होते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्टेडियम की क्षमता भी उतनी ज्यादा नहीं है। लीग मैचों के लिए भी वहां बहुत कम टिकट उपलब्ध थे। आईपीएल फाइनल देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं, इसलिए हमें प्रशंसकों के लिए ज़्यादा टिकट उपलब्ध कराने की जरूरत होती है। उसी समय आईसीसी की बोर्ड बैठक भी होनी है, जिसके लिए बहुत सारे सदस्य आ रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हम सभी को लगा कि एक बड़ा स्टेडियम सही रहेगा। ’’
भाषा नमिता सुधीर
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