नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि खेल युवाओं को आकार और सार्थक दिशा दे सकते हैं। वे डॉक्यूमेंट्री ‘बिचारपुर – जुनून फुटबॉल का’ की विशेष स्क्रीनिंग में शामिल हुए थे। यह फिल्म जमीनी स्तर के फुटबॉल से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियों और समाज में खेलों की बदलाव लाने वाली भूमिका को दिखाती है।
खेल मंत्री ने स्क्रीनिंग के बाद कहा कि खेल केवल एक प्रतियोगिता नहीं है बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है जो संस्कृति, अनुशासन, मानसिक क्षमता और सामूहिक भावना को मजबूत करता है।
मीडिया विज्ञप्ति में मांडविया के हवाले से कहा गया, ‘‘पच्चीस साल पहले कई युवा गलत दिशा में जा रहे थे लेकिन जब वे खेलों से जुड़े तो उनकी जिंदगी बदल गई। खेल युवा नेतृत्वकर्ताओं को दिशा देते हैं और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक रूप से सही दिशा में लगाते हैं।’’
खेलों में सामुदायिक भागीदारी के व्यापक सामाजिक प्रभाव पर जोर देते हुए खेल मंत्री ने कूर्ग के कोडवा समुदाय और उनकी हॉकी की गहरी जड़ों वाली संस्कृति का उदाहरण दिया।
मांडविया ने कहा कि ऐसे समुदाय-आधारित खेल आंदोलन एकता, अनुशासन, सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘खेल अपनेपन की भावना और राष्ट्र के प्रति योगदान की भावना विकसित करते हैं। जहां व्यक्ति अपने लिए खेल खेलते हैं वहीं वे देश के लिए भी गौरव लाते हैं।’’
भाषा सुधीर नमिता
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