प्रारूप बदलना आसान नहीं, इसलिए नेट पर जमकर अभ्यास किया: कुलदीप यादव

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प्रारूप बदलना आसान नहीं, इसलिए नेट पर जमकर अभ्यास किया: कुलदीप यादव

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 12:31 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 12:31 PM IST

(कुशान सरकार)

मुल्लांपुर, चार जून (भाषा) बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने स्वीकार किया कि कम समय में टी20 क्रिकेट से टेस्ट प्रारूप में खेलना आसान नहीं होता है क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को समाप्त हुए अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता है और भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट की तैयारी करनी पड़ रही है।

आईपीएल में कुलदीप की फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही और उनका खुद का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। उन्होंने 12 मैचों में सिर्फ 10 विकेट लिए।

अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले कुलदीप ने पीटीआई से विशेष साक्षात्कार में कहा कि पिछले दो सप्ताह से वह क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप में ढलने के लिए नेट पर अभ्यास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल में खेलने के तुरंत बाद लाल गेंद की क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता है। इसके लिए अच्छी तैयारी बेहद जरूरी होती है। सौभाग्य से मुझे समय मिल गया। मैंने कम से कम 10 से 15 दिन लाल गेंद से अभ्यास किया।’’

‘जियोहॉटस्टार’ के सहयोग से किए गए इस साक्षात्कार में कुलदीप ने कहा, ‘‘टी20 में आप हमेशा आक्रामक रहते हैं। आप हमेशा बल्लेबाज के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाते हैं और इसी सोच के साथ खेल में बने रहते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसा नहीं होता। बल्लेबाज के पास काफी समय होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ खिलाड़ी आईपीएल फाइनल के तुरंत बाद यहां आए हैं। उनके पास तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं है। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने अच्छी तैयारी की होगी लेकिन निश्चित तौर पर यह बड़ी चुनौती है।’’

कुलदीप ने टेस्ट मैच की तैयारी के लिए उसके महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जिनमें धैर्य बनाए रखना भी शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘लगातार अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण होता है। यह बड़ी चुनौती होती है। रणनीति बहुत मायने रखती है। आप किस कोण से गेंदबाजी कर रहे हैं, क्रीज की किस स्थिति का उपयोग कर रहे हैं, यह सभी बातें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।’’

अगर कुलदीप शनिवार से शुरू होने वाले अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र मैच में खेलते हैं, तो अपने करियर में पहली बार उनके साथ न तो रविचंद्रन अश्विन (संन्यास ले चुके हैं) और ना ही रवींद्र जडेजा (आराम दिया गया) होंगे।

कुलदीप ने स्वीकार किया कि इस मैच में जडेजा और यहां तक ​​कि अक्षर पटेल की कमी महसूस की जाएगी, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि मानव सुथार और हर्ष दुबे इस मौके का फायदा उठाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जड्डू भाई (रवींद्र जडेजा) टीम में नहीं हैं। वह नियमित टेस्ट खिलाड़ी हैं। टेस्ट मैच में हमें अक्षर पटेल की कमी भी खलेगी। लेकिन हमारी तैयारियां अच्छी चल रही हैं।’’

कुलदीप ने कहा, ‘‘टीम में कुछ युवा खिलाड़ी है जैसे हर्ष और मानव। वाशिंगटन सुंदर भी नियमित रूप से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं।’’

किसी भी टीम में सीनियर खिलाड़ी की जिम्मेदारी अधिक होती है और कुलदीप इसे अच्छी तरह समझते हैं, लेकिन एक पारंपरिक मेंटोर (मार्गदर्शक) बनने के बजाय वह युवा खिलाड़ियों सुथार और दुबे के ‘सहयोगी’ के रूप में नजर आ रहे हैं।

यह 31 वर्षीय खिलाड़ी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नए खिलाड़ी टीम में सहज महसूस करें और जरूरत पड़ने पर उनसे सलाह लें।

कुलदीप ने कहा, ‘‘‘जब भी कोई नया खिलाड़ी टीम में आता है, तो आपका काम उसे सहज महसूस कराना होता है। हम चाहते हैं कि वह आपको एक सहयोगी के रूप में देखे। उसके लिए ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए कि अगर उसे किसी तरह की समस्या हो तो वह आपसे बात करने में संकोच नहीं करे। आपको उसकी मदद के लिए तैयार रहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभी दो-तीन युवा खिलाड़ी टीम से जुड़े हैं और उनका साथ पाकर अच्छा लग रहा है।’’

कुलदीप ने कहा कि नए खिलाड़ियों को टीम में घुलने मिलने में मदद करने का सबसे अच्छा तरीका उनसे प्रासंगिक प्रश्न पूछना और खेल के बारे में उनकी समझ को जानना है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक टीम के रूप में विशेषकर परिस्थितियों को लेकर खुलकर बातचीत करते हैं। मैं युवा खिलाड़ियों से पिच की समझ, मौसम की स्थिति और मैच को लेकर सवाल पूछता हूं।’’

भारत की तरफ से अभी तक तीनों प्रारूप में 365 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘हमारी बातचीत अधिकतर रणनीति, गेंदबाजी की लेंथ, किसी खास पिच पर गेंद की गति और टेस्ट क्रिकेट में स्पिनरों के धैर्य पर केंद्रित होती है। टेस्ट क्रिकेट में धैर्य काफी महत्व रखता है।’’

कुलदीप ने कहा कि दुबे और मानव भले ही भारतीय टीम में नए खिलाड़ी हैं लेकिन उन्हें लाल गेंद की क्रिकेट खेलने का अच्छा अनुभव है।

उन्होंने कहा, ‘‘दुबे और मानव भारत ए का हिस्सा रहे हैं। वह रणजी ट्रॉफी के अलावा दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी भी खेलते रहे हैं।’’

कुलदीप ने कहा, ‘‘उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव कम है लेकिन जब तैयारी, मैच की समझ या लाल गेंद के क्रिकेट की बात आती है, तो वे बहुत अच्छी स्थिति में है क्योंकि वह इस प्रारूप में नियमित रूप से खेल रहेहैं।’’

भाषा

पंत

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