Barkatullah University Name Change / Image Source : FILE
भोपाल : 1970 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बनी की इस यूनिवर्सिटी का नाम दूसरी बार अब बदला जाएगा..पहले इसका नाम भोपाल यूनिवर्सिटी था जिसे बदल कर बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी कर दिया गया था। अब फिर यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने तय किया है कि इसका नाम वाग्देवी भोज यूनिवर्सिटी किया जाएगा।
गौरतलब है डॉक्टर मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक करीब 70 गाँवों,कस्बों और शहरों के नाम बदल दिए हैं जो नाम बदले गए उनमें ज्यादातर मुस्लिम नाम थे। एक गाँव मौलाना के लिए तो सीएम् ने ख़ुद कहा था कि उनकी जुबान इस नाम के लिए पलटती नहीं है इसे बदलना चाहिए।फ़ौरन उस गाँव का नाम विक्रम नगर कर दिया गया। सरकार कह रही है कि यूनिवर्सिटी ऑटोनोमस बॉडी है उनका प्रस्ताव अभी आया नहीं है आएगा तो उस पर विचार करके निर्णय लिया जाएगा
कांग्रेस इस नाम बदलने की कवायद से ख़ुश नहीं है। उसका आरोप है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, युवाओं को रोजगारमूलक सुविधाएं देने के बजाय अपने एजेंडे को भाजपा बढ़ा रही है। कांग्रेस कह रही है कि 2028 में हमारी सरकार आते ही हम फिर से इन नामों को बदल देंगे।
हबीबगंज स्टेशन का नाम बदल कर रानी कमलापति करने से लेकर शुरू हुई ये नाम बदलने की मुहिम लगातार ज़ारी है। .कुछ और नाम कतार हैं जैसे कटनी जिले का नाम कनकपुर होने वाला है क्यूंकि वहां सोने की खदान मिलने की संभावना है। अलीराजपुर जिले के सिर्फ अली शब्द से दिक्कत के चलते उसे एक मात्रा बढ़ाकर आलीराजपुर कर दिया गया। नाम बदलने से उन गाँवों, कस्बों, इलाकों को फायदा क्या होता है,ये सवाल अब भी अनुत्तरित है।