Barkatullah University Name Change : बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की इनसाइड स्टोरी! क्या राजा भोज के नाम पर होगा नया नाम, कार्यपरिषद के फैसले से मचा हड़कंप

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भोपाल की एक यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। कार्यपरिषद ने इसे “वाग्देवी भोज यूनिवर्सिटी” नाम देने का प्रस्ताव रखा है, जबकि पहले इसका नाम बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी किया गया था। सरकार का कहना है कि यह अभी प्रस्ताव स्तर पर है और अंतिम निर्णय प्रक्रिया में है। वहीं कांग्रेस ने इस कदम की आलोचना करते हुए शिक्षा सुधार की बजाय नाम बदलने की राजनीति का आरोप लगाया है।

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 01:58 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 01:59 PM IST

Barkatullah University Name Change / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • भोपाल की एक यूनिवर्सिटी का नाम फिर बदलकर “वाग्देवी भोज यूनिवर्सिटी” रखने का प्रस्ताव
  • सरकार की नाम बदलने की मुहिम जारी, अब तक 70 से ज्यादा गांव-कस्बों के नाम बदले जा चुके
  • कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल, कहा नाम बदलने से नहीं बल्कि शिक्षा सुधार पर ध्यान होना चाहिए

भोपाल : 1970 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बनी की इस यूनिवर्सिटी का नाम दूसरी बार अब बदला जाएगा..पहले इसका नाम भोपाल यूनिवर्सिटी था जिसे बदल कर बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी कर दिया गया था। अब फिर यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने तय किया है कि इसका नाम वाग्देवी भोज यूनिवर्सिटी किया जाएगा।

अब तक 70 से ज्यादा गांव के बदले नाम

गौरतलब है डॉक्टर मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक करीब 70 गाँवों,कस्बों और शहरों के नाम बदल दिए हैं जो नाम बदले गए उनमें ज्यादातर मुस्लिम नाम थे। एक गाँव मौलाना के लिए तो सीएम् ने ख़ुद कहा था कि उनकी जुबान इस नाम के लिए पलटती नहीं है इसे बदलना चाहिए।फ़ौरन उस गाँव का नाम विक्रम नगर कर दिया गया। सरकार कह रही है कि यूनिवर्सिटी ऑटोनोमस बॉडी है उनका प्रस्ताव अभी आया नहीं है आएगा तो उस पर विचार करके निर्णय लिया जाएगा

कांग्रेस नहीं है खुश

कांग्रेस इस नाम बदलने की कवायद से ख़ुश नहीं है। उसका आरोप है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, युवाओं को रोजगारमूलक सुविधाएं देने के बजाय अपने एजेंडे को भाजपा बढ़ा रही है। कांग्रेस कह रही है कि 2028 में हमारी सरकार आते ही हम फिर से इन नामों को बदल देंगे।

नाम बदलने की मुहिम लगातार ज़ारी

हबीबगंज स्टेशन का नाम बदल कर रानी कमलापति करने से लेकर शुरू हुई ये नाम बदलने की मुहिम लगातार ज़ारी है। .कुछ और नाम कतार हैं जैसे कटनी जिले का नाम कनकपुर होने वाला है क्यूंकि वहां सोने की खदान मिलने की संभावना है। अलीराजपुर जिले के सिर्फ अली शब्द से दिक्कत के चलते उसे एक मात्रा बढ़ाकर आलीराजपुर कर दिया गया। नाम बदलने से उन गाँवों, कस्बों, इलाकों को फायदा क्या होता है,ये सवाल अब भी अनुत्तरित है।

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