फटकार के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिलकिस मीर को एशियाई खेलों के लिए जारी की एनओसी

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फटकार के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिलकिस मीर को एशियाई खेलों के लिए जारी की एनओसी

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 07:01 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 07:01 PM IST

श्रीनगर, 15 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर सरकार ने उच्चतम न्यायालय की कड़ी फटकार के बाद मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग कोच और अंपायर बिलकिस मीर को एशियाई खेलों में तकनीकी अधिकारी के रूप में भाग लेने के लिए जापान जाने की अनुमति दे दी।

शीर्ष अदालत ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को बिलकिस मीर का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) रोकने को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। न्यायालय ने पिछले सप्ताह मामले की सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार को 15 सितंबर या उससे पहले मीर के लिए सभी आवश्यक आदेश जारी करने का निर्देश दिया था।

मीर पिछले करीब चार वर्षों से प्रशासन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।

सरकार के युवा सेवा एवं खेल विभाग की ओर से मंगलवार को जारी तीन पृष्ठों के आदेश में कहा गया है कि शारीरिक शिक्षा शिक्षिका बिलकिस मीर को आवश्यक सीमित अनुमति प्रदान की जाती है। उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग टीम की कोच के रूप में अपने शेष दायित्वों का निर्वहन करने तथा 2026 के एशियाई खेलों के सिलसिले में भारतीय टीम के साथ जाने और उसकी सहायता करने के लिए कार्यमुक्त किया जाता है।

आदेश के मुताबिक, मीर को जापान में एशियाई खेलों से संबंधित अपना दायित्व पूरा करने के तुरंत बाद अपने मूल विभाग में वापस रिपोर्ट करना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में अपने सामान्य तैनाती स्थल से दूर रहने को अनधिकृत अनुपस्थिति नहीं माना जाएगा। यह व्यवस्था उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुरूप की गई है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने इसी वर्ष 19 जून को मीर को विदेशी खेल प्रतियोगिताओं में जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके लिए उनकी नियुक्ति संबंधी योग्यता, पूर्व अंतरराष्ट्रीय दौरों, सतर्कता मंजूरी नहीं मिलने और लंबित विभागीय जांच का हवाला दिया गया था।

केंद्रीय खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “वह अंतरराष्ट्रीय अंपायर हैं और अधिकारी के तौर पर जा रही हैं।”

अनुमति नहीं मिलने के कारण मीर इससे पहले दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकी थीं।

मीर और संबंधित महासंघ ने उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। 10 सितंबर को शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश को पलटते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन का 19 जून 2026 का वह आदेश भी रद्द कर दिया, जिसके तहत मीर को लंबित विभागीय जांच और सेवा शर्तों का हवाला देकर विदेश जाने से रोका गया था।

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर