अनुबंध नहीं बढाने पर भड़के जूनियर कोच श्रीजेश, विदेशी कोचों को तरजीह पर उठाये सवाल

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अनुबंध नहीं बढाने पर भड़के जूनियर कोच श्रीजेश, विदेशी कोचों को तरजीह पर उठाये सवाल

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 09:13 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 09:13 PM IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) भारत के महान गोलकीपर और जूनियर टीम के मुख्य कोच रहे पी आर श्रीजेश ने विदेशी कोचों को तरजीह देने के लिये महज 17 महीने बाद पद से हटाने को लेकर हॉकी इंडिया पर सार्वजनिक तौर पर भड़ास निकाली है हालांकि हॉकी इंडिया ने उनके आरोप को खारिज किया ।

सोशल मीडिया पर मंगलवार को एक तल्ख पोस्ट में दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता श्रीजेश ने लिखा कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें फिर कोच नहीं बनाया गया क्योंकि हॉकी इंडिया जूनियर स्तर पर भी विदेशी कोच चाहता है ।

श्रीजेश ने ‘एक्स’ पर लिखा ,‘‘लगता है कि मेरा कोचिंग कैरियर डेढ साल के बाद ही खत्म हो गया है जिसमें हमने पांच टूर्नामेंट खेले और जूनियर विश्व कप समेत पांच बार पोडियम पर रहे ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैने सुना है कि खराब प्रदर्शन के बाद कोचों को हटाया जाता है लेकिन पहली बार विदेशी कोच की नियुक्ति के लिये मुझे हटाया जा रहा है ।’’

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने पी आर श्रीजेश के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें पद से हटाया नहीं गया है बल्कि उनका कार्यकाल दिसंबर 2025 में ही खत्म हो गया था और उचित चयन प्रक्रिया का पालन करके मेरिट के आधार पर नया कोच चुना गया है ।

हॉकी इंडिया की ओर से जारी बयान में टिर्की ने कहा,‘‘ पी आर श्रीजेश का कोचिंग कार्यकाल दिसंबर 2025 में खत्म हो गया था । इसके बाद प्रोटोकॉल का पालन करके पद के लिये विज्ञापन दिया गया और कुछ नाम चुने गए । उचित चयन प्रक्रिया का पालन करके चयन किया गया है ।’’

इसमें कहा गया ,‘‘ प्रक्रिया के बाद एक योग्य कोच का चयन किया गया है जिसके नाम की घोषणा जल्दी ही की जायेगी ।’’

टिर्की ने कहा ,‘‘ हमने श्रीजेश को हटाया नहीं है बल्कि उन्हें डेवलपमेंट टीम (भारत ए) का कोच बनने की पेशकश की गई थी । उन्होंने इसे ठुकरा दिया और फैसले पर पुनर्विचार करने के अनुरोध पर भी नहीं माने ।’’

एक सूत्र ने बताया कि श्रीजेश को सीनियर पुरूष टीम का गोलकीपिंग कोच बनाने की पेशकश भी हुई थी ।

तोक्यो ओलंपिक 2020 और पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को कांस्य पदक दिलाने में सूत्रधार रहे श्रीजेश ने कहा ,‘‘ हॉकी इंडिया अध्यक्ष का कहना है कि सीनियर पुरूष टीम के मुख्य कोच (क्रेग फुल्टोन) जूनियर स्तर पर भी विदेशी कोच चाहते हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे जूनियर स्तर से सीनियर स्तर पर भारतीय हॉकी के विकास में मदद मिलेगी।’’

भारत की जूनियर टीम के कोच के रूप में श्रीजेश का कार्यकाल दिसंबर 2025 में खत्म हो गया था और उन्होंने इस पद के लिए पुन: आवेदन किया था।

भारतीय पुरूष हॉकी टीम के मुख्य कोच दक्षिण अफ्रीका के क्रेग फुल्टोन हैं जबकि महिला टीम के कोच नीदरलैंड के शोर्ड मारिन हैं । श्रीजेश पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने के बाद अंडर 21 पुरूष टीम के मुख्य कोच बने थे जिनके कार्यकाल में टीम ने जूनियर एशिया कप में स्वर्ण, जूनियर विश्व कप और जोहोर कप में कांस्य पदक जीता था ।

श्रीजेश ने आगे लिखा ,‘‘ क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी का विकास नहीं कर सकते ।’’

उन्होंने कहा कि खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कहा था कि देश को उनके जैसे कोचों की जरूरत है लेकिन हॉकी इंडिया का भरोसा सिर्फ विदेशी कोचों पर है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ सात मार्च 2026 को माननीय खेलमंत्री श्री मनसुख मांडविया के साथ एक मुलाकात में मुझे कहा गया था कि 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिये श्रीजेश हमें तुम्हारे जैसे कोचों की जरूरत है ।’’

श्रीजेश ने कहा ,‘‘ लेकिन हॉकी इंडिया का भरोसा चारों टीमों के लिये भारतीय कोचों की बजाय विदेशी कोचों पर है ।’’

भाषा मोना सुधीर

सुधीर