(अपराजिता उपाध्याय)
ग्लास्गो, 30 जुलाई (भाषा) भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां पुरुषों के 110 किग्रा से अधिक भार वर्ग में स्नैच का राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा लेकिन कुल भार में स्वर्ण पदक विजेता से मात्र एक किग्रा पीछे रहने के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत के 28 वर्षीय लवप्रीत ने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 212 किग्रा सहित कुल 388 किग्रा भार उठाया। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।
इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ ने 356 किग्रा (165 किग्रा और 191 किग्रा) के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले लवप्रीत ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने भारोत्तोलन में भारत के लगातार तीन स्पर्धाओं के पदक नहीं जीत पाने का सिलसिला भी तोड़ा। भारतीय भारोत्तोलन दल ने खेलों में अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया।
पंजाब के सीमावर्ती अमृतसर जिले के गांव बल सिकंदर के रहने वाले लवप्रीत साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता दर्जी हैं जबकि उनके दादा सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार ने उन्हें पारंपरिक पेशा अपनाने के बजाय खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने 13 वर्ष की उम्र में डीएवी ग्राउंड पर भारोत्तोलन शुरू किया और बाद में भारत के प्रमुख हैवीवेट भारोत्तोलकों में अपनी पहचान बनाई।
लवप्रीत ने स्नैच में शानदार शुरुआत करते हुए पहले प्रयास में 168 किग्रा और दूसरे प्रयास में 173 किग्रा भार सहजता से उठाया।
इसके बाद तीसरे प्रयास में 176 किग्रा भार सफलतापूर्वक उठाकर उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया और क्लीन एवं जर्क से पहले 10 किग्रा की बढ़त हासिल कर ली।
स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार सामोआ के सनेले माओ के स्नैच में 175 किग्रा के तीनों प्रयासों में असफल रहने के बाद लवप्रीत के स्वर्ण जीतने की संभावना मजबूत हो गई।
हालांकि क्लीन एवं जर्क में लिटि ने शानदार वापसी की।
न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने पहले प्रयास में 207 किग्रा भार उठाकर अंतर कम किया। इसके बाद लवप्रीत ने दूसरे प्रयास में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 212 किग्रा भार सफलतापूर्वक उठाया।
दर्शकों के ‘कम ऑन जट्टा’ और ‘कम ऑन सिंह’ के नारों के बीच लवप्रीत ने अंतिम प्रयास में 217 किग्रा भार उठाने का फैसला किया लेकिन असफल रहे। यदि वह इसमें सफल रहते तो खेलों का रिकॉर्ड तोड़ने के साथ स्वर्ण पदक भी जीत लेते।
उन्होंने भार को कंधों तक तो उठा लिया लेकिन उसे सिर के ऊपर स्थिर नहीं कर सके।
इससे लिटि के लिए मौका बन गया और उन्होंने 223 किग्रा भार उठाकर क्लीन एवं जर्क में नया खेल रिकॉर्ड बनाया तथा मात्र एक किग्रा के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
भाषा सुधीर मोना
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