कोरिया के खिलाफ मुकाबले के लिए भारत की मुख्य टीम बरकरार, मानस धामने पहली बार डेविस कप टीम में

कोरिया के खिलाफ मुकाबले के लिए भारत की मुख्य टीम बरकरार, मानस धामने पहली बार डेविस कप टीम में

कोरिया के खिलाफ मुकाबले के लिए भारत की मुख्य टीम बरकरार, मानस धामने पहली बार डेविस कप टीम में
Modified Date: August 10, 2026 / 04:45 pm IST
Published Date: August 10, 2026 4:45 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) मानस धामने को सोमवार को पहली बार भारत की मुख्य डेविस कप टीम में शामिल किया गया जबकि टीम प्रबंधन ने सितंबर में सोल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले क्वालीफायर राउंड दो मुकाबले के लिए उस मुख्य टीम को बरकरार रखा है जिसने नीदरलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

विश्व रैंकिंग में 362वें स्थान पर काबिज और भारत के दूसरे नंबर के एकल खिलाड़ी धामने (19 वर्ष) लंबे समय से सीनियर टीम में जगह बनाने की दहलीज पर थे। अब वह अनुभवी सुमित नागल (रैंकिंग 235) और बेंगलुरु में पिछले मुकाबले के स्टार रहे दक्षिणेश्वर सुरेश (रैंकिंग 393) के साथ भारत के एकल दल का हिस्सा होंगे।

युगल वर्ग में युकी भांबरी (रैंकिंग 28) और एन श्रीराम बालाजी (रैंकिंग 57) की जोड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।

रिजर्व खिलाड़ियों के रूप में सिद्धार्थ रावत (रैंकिंग 536) और जूनियर ग्रैंड स्लैम में हिस्सा ले चुके उभरते खिलाड़ी अर्णव पापरकर को चुना गया है।

चयन समिति के एक सदस्य ने पीटीआई से कहा, ‘‘ज्यादातर खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन के आधार पर स्वतः तय था। पिछली बार मानस उपलब्ध नहीं थे लेकिन इस बार उपलब्ध हैं। वह हालांकि मुख्य टीम में हैं, लेकिन कप्तान परिस्थितियों को देखते हुए अंतिम एकल संयोजन का फैसला करेंगे। अर्णव को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से टीम में रखा गया है। ’’

यह चयन फरवरी में बेंगलुरु में नीदरलैंड पर भारत की 3-2 की ऐतिहासिक जीत के बाद टीम में निरंतरता को दर्शाता है। उस जीत के साथ भारत ने 2019 में डेविस कप प्रारूप में बदलाव के बाद पहली बार क्वालीफायर के दूसरे दौर में जगह बनाई थी।

मुख्य टीम में धामने का शामिल होना ही एकमात्र बदलाव है। सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश, युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी ने अपनी जगह बरकरार रखी है। धामने को भारत के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में गिना जाता है और उनका चयन सोल के हार्ड कोर्ट मुकाबले के लिए भारत को एकल वर्ग में मजबूत विकल्प देता है।

वहीं सुरेश ने नीदरलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद खुद को टीम के प्रमुख एकल खिलाड़ियों में स्थापित कर लिया है। 26 वर्षीय सुरेश ने दोनों एकल मुकाबले जीते और युकी भांबरी के साथ युगल मैच में भी जीत हासिल की। वह हाल के समय में डेविस कप मुकाबले में तीनों जीत में योगदान देने वाले पहले भारतीय बन गए।

उनका सबसे यादगार प्रदर्शन निर्णायक पांचवें मुकाबले में आया जहां उन्होंने गाय डेन औडेन (रैंकिंग 162) को 6-4, 7-6 (7-4) से हराकर भारत को 3-2 की जीत दिलाई। इससे एक दिन पहले उन्होंने जेस्पर डि जोंग (रैंकिंग 88) को सीधे सेटों में हराया था और अगले दिन सुबह युगल मुकाबले में भी जीत में अहम भूमिका निभाई।

सुरेश का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत का सामना डेविस कप रैंकिंग में छठे स्थान पर मौजूद मजबूत नीदरलैंड टीम से था। उनकी तीन जीत की बदौलत भारत ने 15 वर्षों में पहली बार प्रतियोगिता में इतना आगे का सफर तय किया और सितंबर में दक्षिण कोरिया से मुकाबले का टिकट हासिल किया।

सोल में होने वाले इस मुकाबले की विजेता टीम नवंबर में डेविस कप फाइनल आठ के लिए क्वालिफाई करेगी। मौजूदा प्रारूप में भारत के पास पहली बार प्रतियोगिता के एलीट चरण में पहुंचने का सुनहरा अवसर होगा।

भारत की टीम :

एकल: सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश, मानस धामने

युगल: युकी भांबरी, एन श्रीराम बालाजी

रिजर्व: अर्णव पापरकर, सिद्धार्थ रावत

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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