मुंबई की नजरें पहले खिताब पर जबकि एटीकेएमबी की कोशिश पिछले साल की सफलता दोहराने पर

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मुंबई की नजरें पहले खिताब पर जबकि एटीकेएमबी की कोशिश पिछले साल की सफलता दोहराने पर

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  • Publish Date - March 12, 2021 / 11:37 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:32 PM IST

मडगांव, 12 मार्च (भाषा) इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पूरे सत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाली मुंबई सिटी एफसी और एटीके मोहन बागान (एटीकेएमबी) की टीमें शनिवार को खिताबी मुकाबले के फाइनल में जब उतरेगी तो उनकी नजरें ट्रॉफी उठाने पर होगी।

गत चैम्पियन एटीके की टीम तीन बार इस खिताब को जीत चुकी है जबकि मुंबई सिटी एफसी के पास पहली बार चैम्पियन बनने का मौका होगा।

पूरे सत्र में दोनों टीमों ने 12 मैचों में जीत दर्ज की जबकि उन्हें एक समान चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। लीग मुकाबलों में मुंबई की टीम दोनों मैचों में एटीकेएमबी पर भरी पड़ी है। मुंबई ने इसके साथ ही लीग तालिका में शीर्ष पर रहने के कारण एशियाई चैम्पयन्स लीग का स्थान भी हासिल कर लिया है।

कोच सर्गियो लोबेरा की देखरेख में पहली बार फाइनल में पहुंची मुंबई की टीम का आत्मविश्वास ज्यादा बढ़ा हुआ लग रहा है । लेकिन फाइनल में उनका सामना एंटोनियो हबास की टीम एटीकेएमबी से है। एटीकेएमबी आईएसएल की इस सफल टीम है तो वही हबास इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कोच है।

लोबेरा ने कहा, ‘‘ वे (एटीके मोहन बागान) बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ काफी अच्छी टीम है और लय में है। हमारे लिये यह जरूरी है कि हम खुद पर ध्यान दे और अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करें।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कोई विशेष योजना नहीं बनायी है, विरोधी खिलाड़ियों की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दे रहे है। हमें अपने खेलने के तरीके में शत प्रतिशत देना होगा।’’

लीग में दो बार सफलता का स्वाद चख चुके हबास ने कहा कि उनकी टीम एक और जीत के लिए तैयार है

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें प्रतिस्पर्धा करनी होगी और विरोधी टीम के खिलाफ जीतना होगा। मेरी टीम जीतने के लिए तैयार है।’’

उन्होंने हालांकि मुंबई से मिली पिछली हार को ज्यादा तव्वजो नहीं दी ।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें मैच का विश्लेषण कर के उस पर नियंत्रण बनाना होगा। विरोधी टीम भी खेल रही होगी, हो सकता है हमें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़े।’’

मैदान पर एटीकेएमबी के रॉय कृष्णा और मुंबई का प्रतिनिधित्व करने वाले स्पेन के इगोर एंगुलो के बीच भी कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। दोनों खिलाड़ी गोल्डन बूट की दौड़ में 14-14 गोलों के साथ शीर्ष पर है। फिजी के रॉय कृष्णा ने हालांकि मैदान पर अधिक समय बिताया है।

गोल्डन ग्लव पुरस्कार की दौड़ में मुंबई के अमरिंदर सिंह और एटीकेएमबी के अरिंदम भट्टाचार्या है। दोनों ने 10 मैचों में अपनी-अपनी टीम के खिलाफ कोई गोल नहीं होने दिये। इस मामले में हालांकि कम गोल के कारण अरिंदम का दावा ज्यादा मजबूत है।

भाषा आनन्द मोना

मोना