PM Modi Tweet On Paper Leak/Image Credit: AI
पीएम ने X पर लिखा कि, देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के ऐलान पर विपक्ष ने इसे छात्रों की मूल मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया तो सत्ता पक्ष ने सही दिशा में लिया फैसला करार दिया।
पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के ऐलान पर कॉकरोच जनता पार्टी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। (PM Modi Tweet On Paper Leak) CJP ने इस पर निशाना साधा कि मूल सवाल जवाबदेही का है ना कि दोषियों को सजा दिलाने का।
देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती आई है इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे, लेकिन फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का रिकॉर्ड शानदार रहा है।
भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। रेप और पॉक्सो मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक अदालतों ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इन कोर्टों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है यानी जितने नए मामले आए लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ।
PM Modi Tweet On Paper Leak: सरकार ने पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा दिलाने का रोडमैप सामने रखा है, लेकिन जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन बता रहा है कि छात्रों की नाराजगी अभी दूर नहीं हुई है। वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे को गरमाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा। ऐसे में सरकार के अगले कदम और आंदोलन की दशा और दिशा दोनों पर पूरे देश की नजर रहेगी।
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