मेरा ध्यान सिर्फ विकेट लेने पर, अपेक्षाओं के बारे में नहीं सोच रहा: जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज नबी

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मेरा ध्यान सिर्फ विकेट लेने पर, अपेक्षाओं के बारे में नहीं सोच रहा: जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज नबी

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 05:45 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 05:45 PM IST

(जी उन्नीकृष्णन)

हुबली, 22 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचाने में आकिब नबी के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है लेकिन अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण मैच से पहले वह दबाव में नहीं हैं।

नबी रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं। उन्होंने 16 पारियों में 12.72 के शानदार औसत से 55 विकेट लिए हैं।

लेकिन नबी का सामना 24 फरवरी से शुरू हो रहे फाइनल में कर्नाटक के मजबूत बल्लेबाजी क्रम से होगा जिसमें भारत के बल्लेबाज लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर, मयंक अग्रवाल और अच्छी फॉर्म में चल रहे रविचंद्रन स्मरण शामिल हैं।

नबी ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं बस वर्तमान पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं। मैं बाहरी लोगों की बातों पर अधिक ध्यान नहीं दे रहा हूं। मैं फाइनल में अधिक विकेट लेने की कोशिश करूंगा। अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करूंगा जिससे मुझे अब तक विकेट मिले हैं। मैं अपेक्षाओं के बारे में अधिक नहीं सोच रहा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बेशक उम्मीदें तो होंगी लेकिन मैं बस सकारात्क महसूस कर रहा हूं। मैं उन्हीं क्षेत्रों में गेंदबाजी करूंगा जहां मैं इस सत्र में गेंदबाजी कर रहा था और मेरा ध्यान उसी पर है।’’

जम्मू-कश्मीर यहां केएससीए स्टेडियम में आठ बार के चैंपियन कर्नाटक से उनके घर में भिड़ेगा।

नबी ने कर्नाटक को घरेलू मैदान पर खेलने के फायदे को अधिक तवज्जों नहीं दी। असल में उन्होंने पूरे सत्र में अपनी टीम के विरोधी के मैदान पर हुए मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया।

जम्मू-कश्मीर ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में विरोधी के मैदानों पर जीत दर्ज की। इंदौर में मध्य प्रदेश को हराया और फिर कल्याणी में बंगाल को शिकस्त दी।

नबी ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम सब इसके लिए कई वर्षों से कड़ी मेहनत कर रहे थे। आखिरकार यह पल आ गया है। फाइनल एक बड़ा मैच है लेकिन हर कोई सकारात्मक है। हम विरोधी टीम के घरेलू मैदान पर गए और उन्हें हराया है। यह टीम के मनोबल के लिए अच्छा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने दिल्ली, बंगाल और मध्य प्रदेश के घरेलू मैदान पर जीत दर्ज की। हम इसे लेकर बहुत सकारात्मक हैं और अधिक नहीं सोच रहे हैं। हमें बस सकारात्मक रहने की जरूरत है।’’

नबी को लगता कि पूरे भारत के मैदानों में गेंदबाजी करने से उनके सामंजस्य बैठाने की शैली में सुधार हुआ है और वह खिताबी मुकाबले में उस अनुभव का अच्छा इस्तेमाल करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विकेट कैसा भी हो या परिस्थितियां कैसी भी हों, मुझे एक खास क्षेत्र में गेंदबाजी करनी होगी। इसी ने मुझे इस सत्र में विकेट दिलाए हैं और फाइनल में कुछ भी नहीं बदलेगा। मुझे उसी क्षेत्र (ऑफ स्टंप के बाहर) में गेंदबाजी करने की जरूरत है।’’

नबी ने कहा, ‘‘आपको जल्दी से हालात के हिसाब से ढलना होगा और यह पक्का करना होगा कि मैं जल्द से जल्द लय हासिल करूं। मैंने यहां का विकेट नहीं देखा है लेकिन मैं अच्छी तैयारी के साथ आया हूं और मुझे इस पर भरोसा है।’’

नबी ने कहा कि टीम के रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचने से युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी बात है। हम पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में आए हैं। यह एक बहुत बड़ा टूर्नामेंट है। हर कोई इसके लिए उत्साहित है। सभी ने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। यह उनके लिए भी एक अच्छा अनुभव होगा। इतने अच्छे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक बड़ा मैच खेलना।’’

नबी ने मुख्य कोच अजय शर्मा और गेंदबाजी कोच पी कृष्णकुमार की भी सराहना की जिन्होंने शानदार तरीके से टीम का मार्गदर्शन किया।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द