गोरखपुर/देवरिया (उप्र), 22 फरवरी (भाषा) गोरखपुर के गुलरिहा थाना इलाके में एक शिक्षक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
शिक्षक ने एक वीडियो संदेश और चार पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने देवरिया जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और वित्तीय शोषण का आरोप लगाया है।
अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक की पहचान कुशीनगर जिला निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह गुलरिहा में अपने बड़े भाई के घर में परिवार के साथ रहते थे। उनकी तैनाती देवरिया जिले के गौरी बाजार विकास खंड के एक प्राथमिक स्कूल में थी।
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह सिंह को कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया।
पुलिस ने बताया कि रिकॉर्ड वीडियो संदेश में सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने कथित जांच से बचने के लिए लगभग एक लाख रुपये दिए थे और इसके लिए बीएसए कार्यालय के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ‘मैं अपने बच्चों और पत्नी के लिए जीना चाहता हूं, लेकिन मैं बेबस हूं।’
सिंह वीडियो में कहा कि उनकी जेब में एक सुसाइड नोट है।
पुलिस के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित इस नोट में आरोप लगाया गया है कि उन्हें और दो अन्य शिक्षकों को ‘‘पहले की एक जांच से जुड़े मामलों को निपटाने’’ के लिए 20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति देने को कहा गया था।
सिंह ने सुसाइड नोट में कथित तौर पर दावा किया कि भुगतान किश्तों में किया गया, जिसमें गहने गिरवी रखकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर जुटाई गई धनराशि भी शामिल थी।
पुलिस ने बताया कि सिंह की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, एक लिपिक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिनव त्यागी ने बताया कि वीडियो और नोट जब्त कर लिए गए हैं और जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस बीच, देवरिया में, गौरी बाजार विकास खंड स्थित स्कूल के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की कथित आत्महत्या का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एक लिपिक को निलंबित कर दिया है और एक जांच दल का गठन किया है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन किया गया है।
सीडीओ के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम में एसडीएम (सदर) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) सदस्य हैं।
राजेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम पूरे मामले की बिंदुवार जांच करेगी और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी लिपिक संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
देवरिया की ज़िलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा सं आनन्द
धीरज
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