पैरा विश्व चैंपियनशिप के दौरान नीरज भाई की सलाह ने मदद की: सुमित अंतिल

Ads

पैरा विश्व चैंपियनशिप के दौरान नीरज भाई की सलाह ने मदद की: सुमित अंतिल

  •  
  • Publish Date - May 30, 2026 / 01:16 PM IST,
    Updated On - May 30, 2026 / 01:16 PM IST

… सुमन रे …

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल ने कहा कि विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा की सलाह ने उनके करियर को नई दिशा दी और इसी मार्गदर्शन की बदौलत उन्होंने 74.82 मीटर का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। सुमित ने बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित आठवीं भारतीय ओपन पैरा एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पुरुष भाला फेंक एफ64 वर्ग में अपने ही पुराने विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर को 1.53 मीटर के बड़े अंतर से तोड़ दिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया। महाराष्ट्र के संदीप सागर ने 62.88 मीटर के साथ रजत पदक जीता जो अंतिल से लगभग 12 मीटर पीछे रहे। सोनीपत स्थित अपने घर से पीटीआई को दिए विशेष साक्षात्कार में अंतिल ने बताया कि नीरज चोपड़ा ने पिछले वर्ष नयी दिल्ली में आयोजित पैरा विश्व चैंपियनशिप के दौरान उनकी तकनीक पर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे, जिसका उन्हें अब सीधा लाभ मिल रहा है। अंतिल ने कहा, ‘‘नीरज भाई समय-समय पर मेरा मार्गदर्शन करते हैं। पिछले साल नयी दिल्ली में पैरा विश्व चैंपियनशिप में मेरा थ्रो देखने वे आए थे। उन्होंने मेरी कुछ कमियां बताईं। इसलिए मुझे यहां इसका फायदा मिल रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच और नीरज भाई अच्छे दोस्त हैं, और वे मेरी तकनीक के बारे में आपस में बात करते रहते हैं। इसलिए हम सब मिलकर बार-बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। और एक पैरा एथलीट के लिए 75 मीटर का थ्रो बहुत लंबा होता है।’’ अंतिल ने तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता के साथ अभ्यास भी किया है। उन्होंने अपने करियर पर नीरज के प्रभाव के बारे कहा, ‘‘कभी-कभी नीरज भाई से तुलना किए जाने पर अच्छा लगता है क्योंकि वे भी मेरे आदर्श हैं। कभी-कभी जब तुलना गलत तरीके से की जाती है तो आप सोचते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है, क्योंकि मैं और नीरज बिल्कुल अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं (स्वस्थ और अर्ध-दिव्यांग) तो फिर तुलना क्यों?’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं मुख्य रूप से नीरज भाई से समय-समय पर सलाह लेने और उनसे बात करने पर ध्यान केंद्रित करता हूं। एक एथलीट के रूप में, वह बहुत मजबूत हैं, लेकिन एक व्यक्ति के रूप मे, वह उससे भी बेहतर हैं।’’ अंतिल ने अपना लक्ष्य 80 मीटर तक पहुंचने पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य 75 मीटर को लगातार हासिल करना और फिर 77-78 मीटर की स्थिरता बनाना है, जिससे भविष्य में 80 मीटर का आंकड़ा हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा, “मैंने पिछले ढाई साल से इस विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश की थी। अब आगे मेरा लक्ष्य और बेहतर प्रदर्शन करना है।” हरियाणा के इस एथलीट ने कहा कि आगामी पैरा एशियाई खेलों जैसी प्रतियोगिताओं से पहले उन्हें अपना वजन और कम करने और अपनी तकनीक पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘मुझे 2-3 किलो और वजन कम करना होगा ताकि मैं रनवे पर वह गति और लय हासिल कर सकूं। कुछ अन्य तकनीकी बदलाव भी करने होंगे। मुझे उम्मीद है कि ये बदलाव आगामी प्रतियोगिताओं में मेरे लिए फायदेमंद साबित होंगे।’’ उन्होंने कहा, “हमने बहुत मेहनत की और जब मुझे 74.82 मीटर के थ्रो के बारे में पता चला तो यह बहुत संतोषजनक था।” अंतिल ने कहा कि उनका ध्यान अब 80 मीटर के लक्ष्य पर है और वह कुछ ऐसे मुकाबलों में हिस्सा लेना चाहते हैं जहां सक्षम खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा हो सके। उन्होंने विदेशी कोच या विदेश में प्रशिक्षण को लेकर कहा कि उन्हें देश में ही प्रशिक्षण बेहतर लगता है, क्योंकि उन्हें वहां अपने जैसा माहौल और भोजन मिलता है। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, मौसम के अलावा मुझे विदेशी प्रशिक्षण में कुछ भी असाधारण नहीं लगता। ऐसा नहीं है कि मैं विदेश में प्रशिक्षण नहीं ले सकता। मुझे लगभग वे सभी सुविधाएं मिली हैं जो नीरज भाई को मिली हैं, जिनमें टॉप्स, ओजीक्यू और अन्य प्रायोजक शामिल हैं, लेकिन फिर भी मुझे विदेश में घर जैसा महसूस नहीं होता।’’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ खिलाड़ी अच्छे हैं, लेकिन उनके और उनके बीच अब भी छह से सात मीटर का अंतर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बेहतर प्रतिस्पर्धा उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। भाषा आनन्द मोनामोना