ग्लास्गो, 25 जुलाई (भाषा) भारतीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर ने कहा कि स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा राष्ट्रमंडल खेलों से पहले पूरी तरह फिट हैं और उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस बार (एथलेटिक्स में) 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के मुकाबले अधिक पदक जीतेगा।
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोट के कारण 2022 बर्मिंघम खेलों में हिस्सा नहीं ले सके थे।
सितंबर 2025 में विश्व चैंपियनशिप से ठीक पहले उनकी कमर के निचले हिस्से में चोट लग गई थी। इस सत्र उन्होंने अब तक केवल एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। जून में आयोजित दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।
नायर ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘नीरज शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हैं। वह आत्मविश्वास से भरे हुए है और उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। मैं यह नहीं कहूंगा कि पदक का रंग क्या होगा, लेकिन वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। ’’
नीरज शुक्रवार को ग्लास्गो पहुंच गए। हालांकि स्वर्ण पदक की दौड़ आसान नहीं होगी। नीरज का मुकाबला श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रमंडल और ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम से होगा।
भारत के रोहित यादव भी अपने प्रदर्शन को दोहराने में सफल रहे तो पदक के मजबूत दावेदार होंगे जिन्होंने पिछले महीने 87.05 मीटर का थ्रो किया था।
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का क्वालीफिकेशन 30 जुलाई को होगा जबकि फाइनल अगले दिन खेला जाएगा।
नायर ने कहा कि 32 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम इस बार 2022 बर्मिंघम खेलों में जीते गए आठ पदकों (एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य) से बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारत इस बार बर्मिंघम से अधिक स्वर्ण पदक जीतेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम बर्मिंघम से बेहतर प्रदर्शन करेंगे और इस बार ज्यादा पदक जीतेंगे। हमें उम्मीद है कि हम दो या तीन स्वर्ण पदक भी जीत सकते हैं, हालांकि मैं यह नहीं बता सकता कि वे किस स्पर्धा से आएंगे। ’’
यदि भारत तीन स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहता है तो यह नया रिकॉर्ड होगा। अब तक भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वाधिक दो स्वर्ण पदक 2010 में दिल्ली में जीते थे।
बर्मिंघम खेलों में त्रिकूद एथलीट एल्डोस पॉल भारत के एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता थे, लेकिन चोट के कारण सर्जरी के बाद ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजर रहे हैं और इस बार टीम का हिस्सा नहीं हैं।
नायर ने कहा, ‘‘भाला फेंक में हमारे दो खिलाड़ी पदक की दौड़ में हैं। लंबी कूद में दो ऐसे खिलाड़ी हैं जो 8.20 मीटर से अधिक कूद सकते हैं। त्रिकूद में हमारे दो खिलाड़ी 17 मीटर से आगे जाने की क्षमता रखते हैं। हमारे पास एक ऊंची कूद का एथलीट भी है जिसने हाल ही में 2.30 मीटर से अधिक की छलांग लगाई है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लंबी दूरी की दौड़ में गुलवीर सिंह और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी सहित कई अन्य खिलाड़ी भी अच्छी स्थिति में हैं। कुल मिलाकर हमें भरोसा है कि इस बार भारत 2022 की तुलना में अधिक पदक जीतेगा। ’’
डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर भी भारत के लिए पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
भाषा नमिता आनन्द
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