पटना, 29 सितंबर (भाषा) बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने मंगलवार को कहा कि राज्य के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग में 218 पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल जारी विज्ञापनों के जवाब में उसे “एक भी आवेदन” नहीं मिला।
बीपीएससी ने एक बयान में कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभागाध्यक्ष सहित संकाय सदस्यों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे, लेकिन इनके जवाब में एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
बिहार में सरकारी नौकरियों के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन करने की स्थिति के बीच यह घटनाक्रम बीपीएससी के लिए असामान्य है। राज्य की आबादी का घनत्व देश में सबसे अधिक है और सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं में काफी रुचि रहती है।
आयोग ने कहा कि उसने इन नौ विज्ञापनों से संबंधित मांग-पत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस भेज दिए हैं।
बीपीएससी ने मंगलवार को जारी एक ‘‘महत्वपूर्ण सूचना’’ में कहा, ‘‘बीपीएससी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न विभागों/विषयों में विभागाध्यक्ष के कुल 218 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए 26 अगस्त 2025 को विज्ञापन संख्या 91/2025 से 107/2025 तक जारी किए थे।”
उसने बताया कि इनमें से नौ विज्ञापनों—96/2025, 97/2025, 98/2025, 99/2025, 101/2025, 102/2025, 103/2025, 104/2025 और 107/2025—के तहत कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
आयोग ने बताया कि इसके बाद इन विज्ञापनों के लिए फिर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए, लेकिन इस बार भी कोई आवेदन नहीं मिला।
बीपीएससी ने कहा कि इन विज्ञापनों के संबंध में आयोग के स्तर पर आगे कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं थी, इसलिए संबंधित मांग-पत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस भेज दिए गए हैं।
बीपीएससी ने 16 विषयों में विभागाध्यक्ष के 218 पद के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 33, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के 43, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 42, सिविल इंजीनियरिंग के 45, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के 39, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के तीन, अग्नि प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा के दो और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के दो पद शामिल थे।
इसके अलावा, प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी, खान इंजीनियरिंग, फैशन एवं कपड़ा प्रौद्योगिकी, केमिकल इंजीनियरिंग, सिरेमिक्स इंजीनियरिंग, सिविल (ग्रामीण) इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण तथा कृषि इंजीनियरिंग के एक-एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव अहमद महमूद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हां, विभाग को इस संबंध में बीपीएससी से सूचना मिली है। हम इसकी जांच करेंगे और उसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लेंगे।’’
भाषा
कैलाश पारुल
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