मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को कहा कि अगले दो से तीन साल में दुनिया एआई (कृत्रिम मेधा) के कम इस्तेमाल वाले, कम फिल्टर वाले और पूरी तरह मानव निर्मित कंटेंट या सामग्री की दिशा में बढ़ना शुरू कर देगी।
इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलाव के इस दौर में हमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना होगा कि यह अवसर हमारी रचनात्मकता को कम न करे।
केंद्रीय मंत्री ने यहां दो दिवसीय ‘फिक्की फ्रेम्स 2026’ के 26वें संस्करण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास न केवल समृद्ध सामग्री है बल्कि उसका कोई न कोई महत्वपूर्ण संदर्भ भी है, साथ ही कहानी कहने की लंबी परंपरा भी मौजूद है।
शेखावत ने कहा, ”अगले दो-तीन वर्षों में दुनिया ऐसी सामग्री की ओर बढ़ना शुरू करेगी जिसमें एआई की भागीदारी बहुत कम हो, फिल्टर कम हों और जो पूरी तरह से इंसानों द्वारा तैयार किया गया हो। हमें समान दृढ़ संकल्प के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि एआई हमारी मौलिक रचनात्मकता को कम न करने पाए।”
भाषा अजय पाण्डेय
अजय