आयोजकों ने धनुष को अयोग्य घोषित करने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया: एनआरएआई

Ads

आयोजकों ने धनुष को अयोग्य घोषित करने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया: एनआरएआई

  •  
  • Publish Date - November 2, 2023 / 04:46 PM IST,
    Updated On - November 2, 2023 / 04:46 PM IST

नयी दिल्ली, दो नवंबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने एयर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत को ‘उचित प्रक्रिया’ अपनाये बिना अयोग्य घोषित करने के लिए कोरिया के चांगवान में चल रही एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप के आयोजकों की आलोचना की और विरोध भी दर्ज कराया है।

धनुष (सुनने में असक्षम निशानेबाज) को 10 मीटर एयर राइफल क्वालीफिकेशन राउंड के बाद रेंज अधिकारियों ने अचानक हुई परिधान जांच में अयोग्य घोषित कर दिया क्योंकि उनका ट्राउजर (पतलून) अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) की ‘स्टिफनेस’ (कड़ापन) मानदंड को पूरा नहीं करता था।

अगर धनुष अयोग्य नहीं होते तो भारत जूनियर एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीत गया होता।

एनआरएआई के सचिव राजीव भाटिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘ आयोजकों ने यहां तक कि यह भी घोषित नहीं किया कि धनुष को अयोग्य किया गया है। उसे लाल कार्ड भी नहीं दिखाया गया। आयोजकों के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया है। हम एशियाई निशानेबाजी परिसंघ के अध्यक्ष से भी मिले और उन्हें इसके बारे में सूचित किया। ’’

निशानेबाजी की 10 मीटर एयर राइफल और 50 मीटर राइफल थ्री पॉजीशन जैसी स्पर्धाओं में ‘स्टिफ’ (कड़ापन लिये कपड़ा) जैकेट और ट्राउजर पहनना अनिवार्य है क्योंकि इसमें तभी निशाना लगाया जा सकता है जब शारीरिक मूवमेंट कम हो और ऐसा कड़े कपड़े पहनकर ही हासिल किया जा सकता है जो निशानेबाजी करने के समय शरीर को स्थिर बनाते हैं।

परिधानों का कड़ापन जांचने के लिए टूर्नामेंट के स्थल में एक ‘इलेक्ट्रानिक गॉज’ का इस्तेमाल किया जाता है और धनुष के ट्राउजर की ‘स्टिफनेस‘ 2.9 थी जबकि इसे 3.0 से कम नहीं होना चाहिए।

भाटिया ने आरोप लगाया कि हांग्झोउ एशियाड में भारतीय खिलाड़ियों के साथ जो हुआ, वैसी ही घटना धनुष के साथ हुई। एशियाड में स्टार भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का पहला थ्रो अधिकारियों ने रिकॉर्ड ही नहीं किया क्योंकि डिजिटल बोर्ड दिखा रहा था कि उन्हें पहला थ्रो फेंकना है।

भाटिया ने आरोप लगाया, ‘‘चीन में जो हुआ, क्या कोई एथलेटिक्स में कुछ कर पाया? उन्होंने ऐसा ही कोरिया में धनुष के साथ किया। हो सकता है कि पक्षपात हुआ हो। क्योंकि क्वालीफाई करने के लिए अगला निशानेबाज कोरिया का था। तो धनुष के अयोग्य ठहराये जाने से फायादा किसे होता। ऐसा हो सकता है। ’’

कोरियाई निशानेबाज किम वानही नौवें स्थान पर थे और धनुष को अयोग्य ठहराने के बाद वह आठवें स्थान से फाइनल में पहुंच गये।

भाटिया ने कहा, ‘‘कोच वीरपाल कौर, प्रीति शर्मा और दीपक दुबे भी निशानेबाज के साथ थे। कोचों ने टूर्नामेंट निदेशक के समक्ष विरोध दर्ज कराया लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। ’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर