पैरा एथलीट प्रणव और अजीत को एशियाई पैरा खेलों से पहले विदेश में ट्रेनिंग के लिए टॉप्स से मदद

पैरा एथलीट प्रणव और अजीत को एशियाई पैरा खेलों से पहले विदेश में ट्रेनिंग के लिए टॉप्स से मदद

पैरा एथलीट प्रणव और अजीत को एशियाई पैरा खेलों से पहले विदेश में ट्रेनिंग के लिए टॉप्स से मदद
Modified Date: June 25, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: June 25, 2026 3:33 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) खेल मंत्रालय के मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) ने जापान में होने वाले एशियाई पैरा खेलों की तैयारी के लिए पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी अजीत सिंह और क्लब थ्रो के खिलाड़ी प्रणव सूरमा की विदेश में लंबी ट्रेनिंग के लिए कुल 35.46 लाख रुपये मंज़ूर किए हैं।

बत्तीस साल के अजीत जर्मनी के ऑफेनबर्ग में 16 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग के लिए रवाना हो गए हैं जबकि प्रणव 15 अगस्त तक चेक गणराज्य में ट्रेनिंग के लिए गए हैं।

ये दोनों सरकार की ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना’ (टॉप्स) के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं।

घर में हुई दुर्घटना के कारण रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य हुए प्रणव ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और अभी अपने एफ51 वर्ग में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं।

एनएस जोहल की अगुवाई वाले एमओसी ने प्रणव के लिए 23.14 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। ट्रेनिंग के दौरान प्रणव अनुभव हासिल करने के लिए पोलैंड चैंपियनशिप, चेक चैंपियनशिप, स्लोवाकिया चैंपियनशिप और ओस्ट्रावा लीग में भी हिस्सा लेंगे।

रेल दुर्घटना में अपने दोस्त को बचाते हुए अपना बायां हाथ खोने वाले उत्तर प्रदेश के अजीत ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीता था। वह बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में ट्रेनिंग कर रहे थे।

दोनों खिलाड़ियों के साथ उनके कोच भी जा रहे हैं। प्रणव के साथ उनके पिता संजीव सूरमा उनके साथ एस्कॉर्ट (खिलाड़ी का आवाजाही में मदद करने वाला व्यक्ति) के तौर पर जा रहे हैं।

संजीव ने अपने बेटे के करियर में मदद करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। प्रणव एक बैंकर भी हैं।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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