लंदन, 25 फरवरी (भाषा) इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और ‘द हंड्रेड’ की फ्रेंचाइजी ने संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि खिलाड़ियों को राष्ट्रीयता के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी आशंका है कि इस प्रतियोगिता के लिए अगले महीने होने वाली नीलामी में भारतीय स्वामित्व वाली कम से कम चार टीमें पाकिस्तानी क्रिकेटरों को जानबूझकर नजरअंदाज कर सकती हैं।
आठ फ्रेंचाइजी में से चार मैनचेस्टर सुपर जायंट्स (आरपीएसजी ग्रुप), एमआई लंदन (रिलायंस), सदर्न ब्रेव (जीएमआर) और सनराइजर्स लीड्स (सन ग्रुप) के मालिक आईपीएल के टीमों के मालिक भी हैं और ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार ये टीमें नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने से परहेज कर सकती हैं।
पिछले साल ‘द हंड्रेड’ कि किसी भी टीम का मालिक भारतीय नहीं था इसके बावजूद इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चुना गया था। इस टूर्नामेंट के पहले पांच सत्र में पाकिस्तान के केवल नौ खिलाड़ी ही खेल पाए हैं। टीमों के नए मालिक इस सत्र से इन फ्रेंचाइजी का संचालन करेंगे।
ईसीबी और आईपीएल से जुड़े मालिकों सहित ‘द हंड्रेड’ की सभी आठ फ्रेंचाइजी का स्वामित्व रखने वाले मालिकों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘‘द हंड्रेड की शुरुआत नए दर्शकों तक पहुंचने, क्रिकेट को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि हर कोई, चाहे वह किसी भी जाति, लिंग, धर्म, राष्ट्रीयता या अन्य किसी भी आधार पर हो, हमारे खेल में अपनी जगह महसूस कर सके। खिलाड़ियों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए।’’
बयान के अनुसार, ‘‘टूर्नामेंट को संचालित करने के निकाय के रूप में ईसीबी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भेदभाव के लिए कोई जगह न हो। किसी भी तरह के भेदभाव किए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए नियम बनाए गए हैं।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘सभी आठ टीमें इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह से उनके प्रदर्शन, उपलब्धता और प्रत्येक टीम की जरूरतों के आधार पर होगा।’’
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ने सोमवार को ‘द हंड्रेड’ में खेलने की इच्छा व्यक्त की थी।
‘द हंड्रेड’ की लंदन में होने वाली नीलामी के लिए पाकिस्तान के 67 पुरुष और महिला क्रिकेटरों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें पुरुष टी20 विश्व कप में खेल रहे उसके लगभग सभी खिलाड़ी शामिल हैं।
पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी नवंबर 2008 के आतंकी हमले के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में नहीं खेला है। एसए20 के 2023 में शुरू होने के बाद कोई भी पाकिस्तानी क्रिकेटर उसका हिस्सा नहीं रहा। इस टूर्नामेंट की सभी छह फ्रेंचाइजी का स्वामित्व भारतीयों के पास है।
इसी तरह से यूएई के आईएलटी20 में एमआई लंदन और सदर्न ब्रेव के मालिकों के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने चार सत्र में एक भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को अनुबंधित नहीं किया है।
इससे पहले इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा था कि अगर पाकिस्तानी क्रिकेटर प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेते हैं तो यह शर्मनाक होगा। इंग्लैंड के स्पिनरर मोईन अली ने आगाह किया था कि इस तरह के बहिष्कार से आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
भाषा
पंत मोना
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