चोट से उबरकर लौटीं प्रणति, एशियाई चैंपियनशिप से पहले डी स्कोर पर नजरें

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चोट से उबरकर लौटीं प्रणति, एशियाई चैंपियनशिप से पहले डी स्कोर पर नजरें

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 05:18 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 05:18 PM IST

कोलकाता, 29 मई (भाषा) शीर्ष भारतीय जिम्नास्ट प्रणति नायक ने कहा कि ताशकंद में एफआईजी विश्व चैलेंज कप में रजत पदक जीतकर चोट से सफल वापसी करने के बाद अब वह एशियाई चैंपियनशिप से पहले अपने कठिनाई स्तर को बढ़ाने पर ध्यान देंगी।

इकतीस साल की तोक्यो ओलंपियन और वॉल्ट में तीन बार की एशियाई चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता प्रणति लगभग सात महीने के अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में लौटीं और उज्बेकिस्तान में एफआईजी विश्व चैलेंज कप में रजत पदक जीता।

एशियाई चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के साथ उनके सामने एक व्यस्त कार्यक्रम है। भुवनेश्वर में ‘हाई परफॉर्मेंस सेंटर’ में अशोक मिश्रा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण ले रहीं प्रणति धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन, लैंडिंग और डी-स्कोर (कठिनाई स्तर) को बेहतर बनाएंगी।

चीन में 18-21 जून तक होने वाली यह प्रतियोगिता एशियाई खेलों के लिए क्वालीफिकेशन के लिहाज से बेहद अहम होगी। सरकार ने जुनी मीट में भारतीय दल की भागीदारी के लिए 36.59 लाख रुपये भी मंजूर किए हैं।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल मीडिया बातचीत के दौरान प्रणति ने कहा, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप में अब बस तीन सप्ताह बचे हैं इसलिए अब हमारा ध्यान अपने प्रदर्शन और लैंडिंग को बेहतर बनाने पर है। एशियाई खेलों के लिए क्वालीफिकेशन यहीं से होगा, इसलिए मुझे अपना कठिनाई स्तर बढ़ाना होगा। ’’

प्रणति ने कहा कि इस पदक ने अब उन्हें एक अहम सत्र के लिए नया आत्मविश्वास दिया है जिसमें तीन बड़े टूर्नामेंट एशियाई चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पांच-छह महीनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई मुकाबला नहीं किया था, इसलिए यह अनुभव बहुत जरूरी था। मेरा सबसे ज्यादा ध्यान अपनी लैंडिंग को बेहतर करने पर था। सर ( अशोक मिश्रा) ने मुझसे कहा था कि मैं ज्यादा नहीं सोचूं और बस अपनी लैंडिंग पर भरोसा रखूं। इस मुकाबले के बाद, मेरा डर कम हो गया है और इससे मुझे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द