सिंधू और आयुष हारे, सात्विक-चिराग और त्रीशा-गायत्री विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में
सिंधू और आयुष हारे, सात्विक-चिराग और त्रीशा-गायत्री विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर विश्व चैंपियनशिप में तीसरा पदक जीतने की ओर एक कदम बढ़ाया लेकिन पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी के एकल मुकाबलों से बाहर होने के कारण बृहस्पतिवार को भारत को बड़ा झटका लगा।
वर्ष 2022 और 2025 में दो कांस्य पदक जीत चुके सात्विक और चिराग ने प्री क्वार्टर फाइनल में मलेशिया की दुनिया की 19वें नंबर की जोड़ी जुनैदी आरिफ और याप रॉय किंग को कड़े मुकाबले में 21-23, 21-19, 21-17 से हराया।
पहले दौर में बाई और दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के बाद यह टूर्नामेंट में उनका पहला मुकाबला था।
हालांकि दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना टूट गया जब उन्हें महिला एकल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 11-21, 21-15, 17-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। वांग ने दोनों पैरों में जकड़न की समस्या से जूझने के बावजूद क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
सिंधू ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उन्हें चोट लगी थी या नहीं, शायद यह उनकी रणनीति और इसे करने का उनका तरीका था।”
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपना ध्यान केंद्रित रखना था और मैं ऐसा कर रही थी, लेकिन फिर हर अंक मायने रखता है, है ना? उस समय वह ब्रेक लेती हैं या नहीं, उन्हें चोट लगी है या नहीं, आप कभी नहीं जान सकते।”
सिंधू ने कहा, ‘‘यह हार ज्यादा तकलीफ देती है क्योंकि इतने लंबे समय तक ट्रेनिंग करने और कड़ी मेहनत करने के बाद इस तरह के मुकाबला हारना निश्चित रूप से दुख देता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह खेल है और इसे इसी तरह होना है।”
शुरुआती दौर में गत चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीन के शी यू कि को हराकर उलटफेर करने वाले 21 वर्षीय शेट्टी को दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी फरहान ने आसानी से 21-19, 21-11 से शिकस्त दी।
यह 11वीं वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठ मुकाबलों में शेट्टी की पांचवीं हार है। इस नतीजे के साथ भारत का पुरुष एकल अभियान समाप्त हो गया। लक्ष्य सेन बुधवार को ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे।
इससे पहले त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
भारत की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में रिन और नाकानिशी की विश्व में सातवें नंबर की जोड़ी को 21-16 21-12 से हराया।
वर्ष 2015 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद पहली बार किसी भारतीय महिला युगल जोड़ी ने अंतिम आठ में जगह बनाई है।
अपनी 11वीं विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहीं सिंधू ने इससे पहले वांग के खिलाफ आठ में से तीन मुकाबले जीते थे जबकि पांच बार उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ अच्छी रैलियां देखने को मिलीं और पहले 14 अंक बराबर-बराबर बंटे। 8-7 के स्कोर पर 41 शॉट की लंबी रैली का अंत वांग के सटीक फोरकोर्ट ड्रॉप से हुआ।
चीनी की खिलाड़ी ने इसके बाद 14-9 की बढ़त बना ली लेकिन एक शॉट नेट में मार बैठीं। सिंधू की गलतियां बढ़ने लगीं और वह 10-18 से पिछड़ गईं। भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दो तेज क्रॉस कोर्ट स्मैश लगाकर वापसी की कोशिश की,लेकिन अगला शॉट लंबा चला गया और वांग ने 19-11 की बढ़त बना ली।
सिंधू के एक और शॉट नेट पर मारने से वांग को नौ गेम प्वाइंट मिले। इसके बाद सिंधू ने नेट पर फिर गलती की और पहला गेम गंवा दिया।
दूसरे गेम में सिंधू ने शानदार शुरुआत की और 3-0 की बढ़त बना ली और प्रभावी प्रदर्शन करते हुए ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बना ली।
सिंधू की नेट और बैकलाइन पर हुई गलतियों का फायदा उठाकर वांग ने लगातार तीन अंक हासिल किए और अंतर खत्म कर दिया। सिंधू ने नेट के पास अच्छा खेल दिखाया लेकिन आसान गलतियों के कारण वह दबाव बनाए रखने में मुश्किल महसूस कर रही थीं।
सिंधू ने फोरहैंड क्रॉस कोर्ट स्मैश से जवाब दिया और लंबी रैली के बाद एक और जोरदार विनर लगाकर 15-13 की बढ़त हासिल कर ली।
वांग के दो शक्तिशाली स्मैश से स्कोर 15-15 हो गया। हालांकि इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने लगातार दो शॉट बाहर मार दिए और सिंधू 17-15 से आगे हो गईं। नेट के पास एक और पुश से सिंधू को अंक मिला।
इसके बाद वांग का लिफ्ट लंबा चला गया जिससे सिंधू को पांच गेम प्वाइंट मिल गए। सिंधू ने अगला अंक जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
सिंधू ने तीसरे गेम में भी लय बरकरार रखी और पहले 4-1 तथा फिर 7-4 की बढ़त बना ली। वह खेल की गति नियंत्रित कर रही थीं और मौका मिलते ही आक्रामक रुख अपना रही थीं। वांग ने वापसी करते हुए स्कोर 7-8 किया।
पूरे मैच के दौरान लगातार खुद से बात करती रहीं वांग ने स्मैश लगाकर स्कोर 9-9 कर दिया।
सिंधू ने हालांकि ब्रेक तक 11-10 की बढ़त बना ली और फिर बढ़त को 13-10 तक पहुंचाया लेकिन वांग ने एक बार फिर वापसी की। बॉडी स्मैश और फिर सिंधू के बाहर गए शॉट की मदद से वांग आगे हो गईं। भारतीय खिलाड़ी की एक और गलती ने वांग को लगातार पांच अंक दिला दिए।
सिंधू ने स्मैश से आखिरकार वांग के लगातार अंक बनाने का सिलसिला तोड़ा और स्कोर 15-15 कर दिया। इसके बाद वांग का शॉट लंबा चला गया और उनकी सिंधू ने 16-15 की बढ़त हासिल कर ली।
अगले अंक पर सिंधू का शॉट बाहर चला गया। शटल का पीछा करते हुए वांग कोर्ट पर गिर पड़ीं और तुरंत अपनी जांघ पकड़ लीं। ऐसा लगा कि उन्हें ऐंठन हुई है। मेडिकल टाइमआउट के बाद वांग 16-16 के स्कोर पर फिर खेल में लौटीं।
स्मैश की मदद से वांग ने 18-17 की बढ़त बना ली। इसके बाद 54 शॉट की एक और बेहद लंबी रैली हुई जिसका अंत सिंधू के शॉट के लंबा चले जाने से हुआ। हालांकि इस दौरान वांग अपनी दाईं जांघ पकड़ती नजर आईं।
इसके बाद सिंधू ने स्मैश नेट में मार दिया जिससे वांग को तीन मैच प्वाइंट मिल गए। अगले अंक में जीत हासिल करने के बाद चीनी खिलाड़ी जोर से चीखीं और फिर कोर्ट पर गिर पड़ीं।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता

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