बुमराह की गैरमौजूदगी पर चयनकर्ता नाराज, कटघरे में सीओई की भूमिका
बुमराह की गैरमौजूदगी पर चयनकर्ता नाराज, कटघरे में सीओई की भूमिका
… कुशान सरकार…
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) भारतीय क्रिकेट में चोट प्रबंधन और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई)’ की खेल विज्ञान एवं चिकित्सा टीम तथा भारतीय पुरुष सीनियर चयन समिति के बीच तालमेल की कमी के कारण जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला से बाहर हो गये हैं। यह पता चला है कि चयन समिति को शुरुआत में बताया गया था कि बुमराह 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस टेस्ट श्रृंखला के लिए उपलब्ध रहेंगे लेकिन बाद में पता चला कि उनकी चोट उम्मीद से अधिक गंभीर है। खिलाड़ियों की चोट प्रबंधन व्यवस्था पर चर्चा के लिए सोमवार को वीवीएस लक्ष्मण सहित सीओई के शीर्ष अधिकारियों और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के बीच वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठक हुई। खेल में चोट लगना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सीओई की खेल विज्ञान टीम का प्रदर्शन अब तक अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं है। बीसीसीआई में नितिन पटेल के जाने के बाद से खेल विज्ञान विभाग के प्रमुख का पद खाली है। ऐसे में सीओई के अंतरिम खेल विज्ञान प्रमुख धनंजय कौशिक की भूमिका पर भी नजरें है, जो बेंगलुरु स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर का संचालन कर रहे हैं। उनकी योग्यता पर हालांकि सवाल नहीं हैं, लेकिन खिलाड़ियों की वापसी की समयसीमा तय करने और ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल के लगातार पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हर्षित राणा के मामले में भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब उनका वजन अधिक दिख रहा था तब भी खेल विज्ञान टीम ने उन्हें फिट कैसे घोषित किया। इसके बाद उनकी हैमस्ट्रिंग चोट दोबारा उभर आई। इसी तरह दक्षिण भारत के एक टी-20 विशेषज्ञ बल्लेबाज के इंग्लैंड पहुंचने पर अधिक वजन होने की खबरें थीं। वाशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी के लगातार चोटिल होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। सुंदर जैसे युवा स्पिनर का बार बार मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से परेशान होना चिंता का विषय है तो वहीं इस बात पर सवाल उठ रहे कि क्या रेड्डी को गेंदबाजी गति बढ़ाने के लिए स्वतंत्र तेज गेंदबाजी कोच स्टीफन जोन्स के साथ अलग से प्रशिक्षण की अनुमति दी गई थी? क्या 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक 130 किमी प्रति घंटे के मध्य तक पहुंचने का प्रयास उनकी चोट का कारण बना? सीओई के कामकाज पर नजर रखने वाले बीसीसीआई के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ सबसे सुरक्षित विकल्प किसी खिलाड़ी को बाहर करना होता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सीओई की मौजूदा खेल विज्ञान टीम शीर्ष खिलाड़ियों को समय पर मैदान पर वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चयनकर्ताओं को भरोसा दिलाया गया था कि बुमराह कम से कम एक टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। अब उन्हें बताया गया है कि पैर की चोट से उबर रहे साई सुदर्शन नेट्स में 75 मिनट बल्लेबाजी कर रहे हैं और चोट से अच्छी वापसी के संकेत दे रहे हैं। लेकिन अगर बाद में यह बताया जाता है कि साई श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट तक फिट नहीं हो पाएंगे तो चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी।’’ भारतीय टीम के फिजियो कामलेश जैन की भूमिका भी अब समीक्षा के दायरे में बताई जा रही है। वह करीब पांच वर्षों से भारतीय टीम के साथ हैं और खिलाड़ियों के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं। माना जा रहा है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बैठक का इंतजार कर रहे हैं। बैठक में लक्ष्मण और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया (समन्वयक के रूप में) भी शामिल होंगे। गंभीर के अगले तीन सप्ताह श्रीलंका में रहने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि समीक्षा बैठक आमने-सामने होगी या वर्चुअल माध्यम से होगी। यह सवाल भी उठ रहा है कि जुलाई में जब गंभीर और अगरकर दोनों भारत में उपलब्ध थे, तब यह बैठक क्यों नहीं की गई। भाषा आनन्द सुधीरसुधीर

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