शेफाली के शतक से गत चैंपियन भारत महिला क्रिकेट के फाइनल में, पदक पक्का

शेफाली के शतक से गत चैंपियन भारत महिला क्रिकेट के फाइनल में, पदक पक्का

शेफाली के शतक से गत चैंपियन भारत महिला क्रिकेट के फाइनल में, पदक पक्का
Modified Date: September 20, 2026 / 02:06 pm IST
Published Date: September 20, 2026 2:06 pm IST

निशिन (जापान), 20 सितंबर (भाषा) गत चैंपियन भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में लगातार दूसरी बार जगह बनाकर पदक पक्का किया।

भारत ने निशानेबाजी में पहले ही दो रजत पदक जीतने के अलावा मिश्रित मार्शल आर्ट में एक कांस्य पदक पक्का कर लिया है। महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 114 रन से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।

शेफाली वर्मा ने 49 गेंद में नाबाद 100 रन की पारी खेलकर टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला शतक जड़ा जिससे भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर बनाया।

इसके जवाब में बांग्लादेश ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर आउट हो गई। बांग्लादेश के खिलाफ रन के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है।

भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने सात जबकि नंदनी शर्मा ने 25 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाए। श्री चरणी ने भी सात रन देकर दो विकेट हासिल किए।

भारत अब मंगलवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में श्रीलंका से भिड़ेगा। पिछले एशियाई खेलों में भी फाइनल इन्हीं दोनों टीम के बीच हुआ था।

दोनों टीम पिछले रविवार को महिला टी20 एशिया कप के फाइनल में भी आमने-सामने थीं जिसमें भारत ने 72 रन से जीत दर्ज की थी।

श्रीलंका ने रविवार को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया। पाकिस्तान अब मंगलवार को कांस्य पदक के लिए बांग्लादेश से भिड़ेगा।

बांग्लादेश की ओर से सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर ने 23 गेंद पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक 27 रन बनाए। उनके अलावा सुल्ताना खातून (नाबाद 12) और शर्मिन अख्तर (10) ही दोहरे अंक में पहुंच पाईं।

इससे पहले शेफाली ने अपने नाबाद शतक के दौरान नौ छक्के और तीन चौके लगाए। अपना 118वां मैच खेल रही शेफाली का यह सबसे छोटे प्रारूप में पहला शतक है।

शेफाली टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक जड़ने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला बल्लेबाज हैं।

दाएं हाथ की इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज को दूसरे छोर पर अनुभवी स्मृति मंधाना (37) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (40) का अच्छा साथ मिला।

दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाजों शेफाली और स्मृति ने शुरूआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े। शेफाली और स्मृति ने बांग्लादेशी गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किए और रन गति बनाए रखी। बांग्लादेशी गेंदबाजों के पास उनके आक्रामक तेवर का कोई जवाब नहीं था।

हालांकि पावरप्ले की अंतिम गेंद पर यह साझेदारी टूट गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर स्मृति ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में शोभना मोस्तरी को कैच थमा दिया।

तीसरे नंबर पर उतरीं गुनालन कमालिनी बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर 10 गेंद में सिर्फ तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।

दूसरे छोर पर शेफाली ने आक्रामक रुख जारी रखा। उन्होंने नौ छक्के और तीन चौके लगाकर सहजता से गेंद को सीमा रेखा के पार भेजा लेकिन शतक पूरा करने के लिए उन्हें भारत की पारी के अंतिम ओवर तक इंतजार करना पड़ा।

कप्तान हरमनप्रीत ने बीच के ओवरों में शेफाली का अच्छा साथ देते हुए 33 गेंद में 40 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 55 गेंद में 94 रन की साझेदारी की।

भारत 200 से अधिक रन बनाने की स्थिति में दिख रहा था लेकिन पारी के अंतिम चरण में विकेट गिरने से उसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। 18वें ओवर में हरमनप्रीत को बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने राबिया खान की गेंद पर स्टंप किया जिसके बाद ऋचा घोष भी दो रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गईं।

भाषा सुधीर पंत

पंत


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