पेरिस ओलंपिक की निराशा को एशियाई खेलों की सफलता में बदलना चाहती हैं

पेरिस ओलंपिक की निराशा को एशियाई खेलों की सफलता में बदलना चाहती हैं

पेरिस ओलंपिक की निराशा को एशियाई खेलों की सफलता में बदलना चाहती हैं
Modified Date: August 11, 2026 / 06:11 pm IST
Published Date: August 11, 2026 6:11 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) पेरिस ओलंपिक में बेहद मामूली अंतर से पदक से चूकने वाली भारतीय स्कीट निशानेबाज महेश्वरी चौहान अब अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रही हैं।

दिल्ली स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रैप एवं स्कीट निशानेबाजों के एशियाई खेलों के तैयारी शिविर में हिस्सा ले रहीं महेश्वरी और अनंतजीत सिंह नरुका की जोड़ी ने पेरिस ओलंपिक की मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल किया था। यह जोड़ी ओलंपिक की स्कीट स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी लेकिन महज एक अंक से कांस्य पदक से चूक गयी थी।

महेश्वरी ने शिविर के इतर साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया से कहा, ‘‘पहला ओलंपिक हमेशा थोड़ा अलग अनुभव होता है लेकिन मैंने उसका पूरा लुत्फ उठाया। मुझे काफी सीख मिली है और अब उसी अनुभव के आधार पर आगे बढ़ना चाहती हूं।’’

उन्होंने एशियाई खेलों में अपने पहले अभियान पर कहा, ‘‘मेरी सबसे बड़ी कोशिश यही रहेगी कि मैं हर पल का आनंद लूं और पूरी तरह वर्तमान में रहकर खेलूं। प्रतियोगिता का नाम बदल सकता है, लेकिन मेरी तैयारी और खेलने का नजरिया वही रहेगा।’’

महेश्वरी ने पेरिस ओलंपिक की यादों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘वह पल कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह हमेशा आपके साथ रहता है और आपको पहले से अधिक मेहनत करने तथा खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।’’

एशियाई खेलों की तैयारियों के तहत चल रहे इस शिविर में स्कीट एवं ट्रैप की छह-छह समेत कुल 12 निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं। साइ की मंजूरी से आयोजित यह शिविर 18 अगस्त तक चलेगा।

साइ ने इस शिविर के आयोजन के लिए भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। इसमें खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के ठहरने, यात्रा, निशानेबाजी परिसर की सुविधाएं, निशानेबाजी से जुड़े साजो-सामान सहयोगी स्टाफ तथा अन्य आवश्यक खर्च शामिल हैं।

एशियाई खेलों के तैयारी शिविर में शामिल भारतीय निशानेबाज:

स्कीट टीम: अनंतजीत सिंह नरुका, परीनाज धालीवाल, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान, रायजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान।

ट्रैप टीम: किनान चेनाई, नीरू धांडा, अहवर रिजवी, मनीषा कीर, शपथ भारद्वाज और आशिमा अहलावत।

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर


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