उच्चतम न्यायालय ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया

उच्चतम न्यायालय ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया

उच्चतम न्यायालय ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया
Modified Date: August 26, 2026 / 06:10 pm IST
Published Date: August 26, 2026 6:10 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह को बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) का प्रशासक नियुक्त किया है।

न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की रिपोर्ट पर गौर किया है। न्यायमूर्ति राव को पिछले साल अगस्त में बीसीए का लोकपाल नियुक्त किया गया था।

पीठ ने कहा कि रिपोर्ट ‘काफी विस्तृत’ है और उसमें दिए गए निष्कर्षों तथा अंतिम सिफारिशों पर गौर किया गया है।

पीठ ने कहा कि लोकपाल ने अपनी सिफारिशों में एक प्रशासक की नियुक्ति करने और उसे सभी जिला क्रिकेट संघों (डीसीए) में सत्यापन प्रक्रिया कराने की जिम्मेदारी देने का सुझाव दिया है।

पीठ ने कहा कि लोकपाल ने नए चुनाव कराने के संबंध में भी सिफारिशें की हैं।

लोकपाल ने अपनी सिफारिश में कहा, ‘‘ निर्वाचक मंडल से संबंधित कई विसंगतियों को सूचीबद्ध किया गया है। इसे देखते हुए 2025 में बीसीए के चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराया गया नहीं माना जा सकता।’’

लोकपाल ने सिफारिश की है कि प्रशासक द्वारा डीसीए से संबद्ध क्लबों के सत्यापन का काम पूरा करने के बाद बीसीए के निर्वाचक मंडल का नए सिरे से निर्धारण किया जाए और डीसीए तथा बीसीए के चुनाव उनके संचालन वाले नियमों के अनुसार कराए जाएं।

उच्चतम न्यायालय ने 20 अगस्त के अपने आदेश में कहा, ‘‘उपरोक्त के मद्देनजर हम उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह को बिहार क्रिकेट संघ का प्रशासक नियुक्त करते हैं।’’

पीठ ने कहा, ‘‘प्रशासक लोकपाल की सिफारिशों के पैरा 91 में नए चुनावों के संबंध में दिए गए सुझाव के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।’’

पीठ ने कहा कि लोकपाल की रिपोर्ट को लेकर कुछ आपत्तियां भी हैं और उचित समय पर इन पर विचार किया जाएगा।

पीठ ने कहा, ‘‘अंतरिम उपाय के तौर पर हम निर्देश देते हैं कि सिफारिशें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी और उन्हें अमल में लाया जाएगा।’’

बीसीए से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए आठ अक्टूबर को सूचीबद्ध किया है।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता


लेखक के बारे में