नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) से मास्टर राइट्स समझौते के नवीनीकरण से संबंधित मुद्दे को सुलझाने को कहा है क्योंकि इससे ही इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का आगामी सत्र शुरू नहीं हो सका है।
न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए एआईएफएफ और एफएसडीएल को इस मुद्दे पर चर्चा करने और अगली सुनवाई की तारीख 28 अगस्त तक समाधान निकालने का निर्देश दिया।
उच्चतम न्यायालय 18 अगस्त को राष्ट्रीय महासंघ और टूर्नामेंट के आयोजकों के साथ अपने अनुबंधों का नवीनीकरण नहीं होने के कारण 11 आईएसएल क्लबों के भाग्य को लेकर एआईएफएफ और एफएसडीएल के बीच विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी।
इन 11 आईएसएल क्लबों ने एआईएफएफ को चेतावनी दी है कि अगर शीर्ष स्तरीय घरेलू प्रतियोगिता के भविष्य को लेकर गतिरोध जल्द ही हल नहीं हुआ तो उन्हें पूरी तरह से बंद होने की वास्तविक संभावना का सामना करना पड़ सकता है।
पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति तब व्यक्त की थी जब न्यायमित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी थी कि अनुबंध की अवधि के दौरान एफएसडीएल को आईएसएल का आयोजन करके इसका सम्मान करना होगा।
एआईएफएफ ने इस फैसले क बाद कहा कि वह लीग (आईएसएल) के आयोजकों के साथ ‘पारस्परिक सहमति से कोई समाधान निकालने का प्रयास’ करेगा ताकि इसे समय पर शुरू किया जा सके क्योंकि उसे इस मामले पर चर्चा के लिए उच्चतम न्यायालय से मंजूरी मिल गई है।
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय में हुई कार्यवाही के अनुसार एआईएफएफ आठ दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाले ‘मास्टर राइट्स एग्रीमेंट’ के संबंध में फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) के साथ सद्भावनापूर्वक बातचीत करेगा। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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