(PPF Vs SSY Calculator/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: PPF Vs SSY Calculator: अगर आप PPF, SSY SCSS जैसी छोटी बचत योजनाओं में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। सरकार ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस बार किसी भी योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया गया है। यानी पिछली तिमाही में जो रेट थे, वही अब भी लागू रहेंगे।
स्मॉल सेविंग स्कीम्स भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सुरक्षित निवेश योजनाएं हैं। इनका मकसद आम लोगों को बचत के लिए प्रोत्साहित करना और लंबे समय में एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद करना है। इनमें निवेश करने पर तय ब्याज दर के साथ सुरक्षित रिटर्न मिलता है। PPF, SSY, SCSS, NSC और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट जैसी योजनाएं इसी श्रेणी में आती हैं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में वर्तमान में 7.1% की ब्याज दर मिलती है। इसकी लॉक-इन अवधि 15 साल होती है। जिससे यह लंबी अवधि का निवेश विकल्प बन जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति हर साल 10,000 रुपये निवेश करता है तो 15 साल बाद उसे करीब 2.71 लाख रुपये तक का रिटर्न मिल सकता है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) खासकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बनाई गई है। इसमें 8.2% की ब्याज दर मिलती है जो PPF से ज्यादा है। अगर कोई सालाना 10,000 रुपये निवेश करता है तो 15 साल में यह राशि बढ़कर लगभग 4.79 लाख रुपये तक हो सकती है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है और इसमें भी 8.2% का आकर्षक ब्याज मिलता है। इसकी अवधि 5 साल की होती है और इसमें अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये तक है। उदाहरण के तौर पर 5 लाख रुपये के निवेश पर कुल रिटर्न लगभग 7.05 लाख रुपये तक हो सकता है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) भी एक सुरक्षित पोस्ट ऑफिस योजना है जिसमें 7.7% ब्याज मिलता है। इसकी अवधि 5 साल की होती है और इसमें 1 लाख रुपये सालाना निवेश करने पर 5 साल बाद लगभग 7.25 लाख रुपये तक का रिटर्न मिल सकता है।
अगर ब्याज दर की बात करें तो SSY और SCSS में 8.2% का सबसे अधिक रिटर्न मिलता है। वहीं PPF और NSC थोड़े कम ब्याज के साथ सुरक्षित लंबी अवधि के निवेश विकल्प हैं। हर स्कीम का उद्देश्य अलग-अलग वर्ग के निवेशकों को लाभ देना है। जैसे PPF आम निवेशकों के लिए, SSY बेटियों के लिए और SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए।