एआईएफएफ महिला समिति की प्रमुख ने एशियाई कप के दौरान हुई ‘गलतियों’ के लिए जवाब मांगा है

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एआईएफएफ महिला समिति की प्रमुख ने एशियाई कप के दौरान हुई ‘गलतियों’ के लिए जवाब मांगा है

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 08:57 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा)अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की महिला समिति की प्रमुख वलांका अलेमाओ ने सोमवार को आरोप लगाया कि तकनीकी समिति की प्रक्रियात्मक चूक के कारण गलत आकार की जर्सी जैसी “कई गंभीर गलतियों” ने ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय टीम के एशियाई कप अभियान को प्रभावित किया।

एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे को लिखे पत्र में अलेमाओ ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिनकी वजह से टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को सही फिटिंग वाली जर्सी के लिए सार्वजनिक अपील करनी पड़ी। उन्होंने इसे “देश के लिए बड़ी शर्मिंदगी” करार दिया।

भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत वियतनाम के खिलाफ संघर्षपूर्ण प्रदर्शन से की। टीम इस मुकाबले में लंबे समय तक बराबरी पर रहने के बाद 1-2 से हार गई। इसके बाद टीम का प्रदर्शन गिर गया और जापान तथा चीनी ताइपे के खिलाफ हार के साथ भारत का अभियान बिना जीत के खत्म हो गया।

अलेमाओ ने अपने पत्र में कहा, “टीम से जुड़ी खामियों के लिए जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछे जाने चाहिए और जवाब मांगे जाने चाहिए, क्योंकि इससे पूरे देश को भारी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।”

उन्होंने चौबे से सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए कार्यकारी समिति की बैठक बुलाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया।

अलेमाओ ने आरोप लगाया कि कार्यकारी समिति और एआईएफएफ महिला फुटबॉल समिति को ‘कुछ फैसलों’ के बारे में न तो जानकारी दी गई और न ही उनसे परामर्श किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया, ‘‘टूर्नामेंट से महज छह सप्ताह पहले, जनवरी 2026 में, क्रिस्पिन छेत्री को हटाकर कोस्टा रिका की अमेलिया वाल्वेर्दे को मुख्य कोच और उनके दो सहायकों को नियुक्त करने का फैसला किसने लिया?’’

उन्होंने इस मामले में प्रक्रिया की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘उनकी नियुक्ति के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई? तकनीकी समिति ने बिना संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार किए या विज्ञापन जारी किए इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी, जबकि यह सब कार्यकारी समिति की जानकारी के बिना हुआ।’’

उन्होंने कहा, “दिसंबर 2025 की महिला समिति की बैठक में मैंने तैयारी, यात्रा, ठहराव, किट आदि से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। सभी व्यवस्थाओं को ‘आउटसोर्स’ करने का फैसला किसने लिया?”

फीफा महिला फुटबॉल विकास समिति की सदस्य अलेमाओ ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य टूर्नामेंट से पहले “बेहद कमजोर प्रतिद्वंद्वियों” के साथ मैत्री मैच आयोजित किए गए।

उन्होंने कहा, “भारतीय टीम को दी गई किट का क्या हुआ? ऑस्ट्रेलिया में जूनियर खिलाड़ियों के लिए बनी गलत फिटिंग वाली जर्सी किसने भेजी? पहले मैच से दो दिन पहले खिलाड़ियों को इस तरह की अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा।”

उन्होंने कहा, “यह खबर तेजी से फैल गई कि स्थानीय आयोजकों ने टीम को सही जर्सी दिलाने में मदद की। इन सवालों को उठाना जरूरी है और देश को शर्मिंदा करने वाली इन गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

भाषा

आनन्द

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