खिताब तक का सफर लंबा रहा, अब जम्मू-कश्मीर में नए स्टेडियम चाहिए: बीसीसीआई अध्यक्ष मन्हास

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खिताब तक का सफर लंबा रहा, अब जम्मू-कश्मीर में नए स्टेडियम चाहिए: बीसीसीआई अध्यक्ष मन्हास

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  • Publish Date - February 28, 2026 / 06:19 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 06:19 PM IST

हुबली, 28 फरवरी (भाषा) भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष मिथुन मन्हास जम्मू-कश्मीर को अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतते देखकर बहुत खुश थे लेकिन उनकी व्यावहारिक सोच अब घाटी में नए स्टेडियमों के निर्माण पर केंद्रित है ताकि क्रिकेट को और आगे बढ़ाया जा सके।

उन्होंने संकेत दिया कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर में आधुनिक क्रिकेट बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाए जिससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।

जम्मू-कश्मीर ने 67 साल की मेहनत के बाद आठ बार के चैंपियन कर्नाटक से ड्रॉ कराकर बढ़त के आधार पर यह प्रतिष्ठित खिताब जीता।

मन्हास ने शनिवार को यहां रणजी ट्रॉफी फाइनल के बाद कुछ चुनिंदा मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘हमें 67 साल लग गए। खिताब तक का सफर लंबा रहा। मैं बीसीसीआई का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने हमें जम्मू में एक अत्याधुनिक सुविधाओं की अकादमी दी है जहां हमारे पास इनडोर सुविधा, स्विमिंग पूल, जिम होंगे। इसी तरह की सुविधाएं हम कश्मीर में भी विकसित करेंगे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब, हम चाहते हैं कि जम्मू और कश्मीर दोनों जगहों पर स्टेडियम बनें। सिर्फ जम्मू और कश्मीर में ही नहीं, बल्कि राजौरी, पुंछ और चिनाब में भी क्योंकि इस टीम में हर जगह से खिलाड़ी हैं। यह समय की जरूरत है और चुनाव होने वाले हैं। उम्मीद है कि हमें बीसीसीआई से फंड मिल जाएगा। ’’

मन्हास का जम्मू-कश्मीर से क्रिकेट से पुराना नाता है, उन्होंने टीम के ड्रेसिंग रूम में शांति लाने के लिए कप्तान पारस डोगरा की तारीफ की।

मन्हास ने डोगरा को तब जम्मू-कश्मीर का कप्तान बनाया था जब वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के साथ काम कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक कप्तान की तलाश में थे। मुझे लगता है कि पारस के रूप में हमें सही कप्तान मिला। वह हिमाचल से है और यहां के हालात को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने इंग्लैंड में बहुत क्रिकेट खेला है, जो उन्हें पूरी तरह से पेशेवर बनाता है। ’’

मन्हास ने कहा, ‘‘वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो बहुत कम आक्रामक होते हैं। वह बहुत शांत हैं और बहुत बारीकी से अपना काम करते हैं। ’’

मन्हास ने बताया कि बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी प्रमुख जय शाह ने क्रिकेट के मानकों को बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमसे पहले जो संघ था, उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। लेकिन असल बदलाव तब हुआ जब बीसीसीआई ने 2021 में उप समिति बनाई। हम उनके बहुत शुक्रगुजार हैं। ’’

बल्कि शाह ने बीसीसीआई में जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। मन्हास ने कहा, ‘‘वह पहले सचिव थे जो जम्मू आए और उन्होंने सुविधाओं को देखा। उन्होंने हमें अपना पूरा समर्थन दिया तो चीजें सही दिशा में आगे बढ़ने लगीं। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द