नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) यूनाइटेड विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के डोपिंग रोधी विभाग की एक सूचना में दिसंबर 2024 में साफ तौर पर माना गया था कि विनेश फोगाट ने अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसी (आईटीए) को अपने संन्यास की जानकारी दे दे थी जबकि इस पहलवान के पति सोमबीर राठी ने दावा किया था कि उन्होंने आधिकारिक तौर से संन्यास की घोषणा नहीं की थी।
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शुक्रवार को कहा कि एक गलत खबर फैलाई जा रही है कि उसने विनेश को मुकाबला करने से रोकने के लिए एशियाई खेलों के लिए अपने चयन मानदंड बदल दिए हैं।
विनेश के पति सोमबीर ने शुक्रवार को एक वेबसाइट से बात करते हुए दावा किया कि उन्होंने आधिकारिक रूप से संन्यास की घोषणा नहीं की है और इसलिए वाडा का नियम 5.6.1 उनके मामले में लागू नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि विनेश ने सिर्फ सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की पोस्ट की है। लेकिन यूडब्ल्यूडब्ल्यू डोपिंग रोधी द्वारा 20 दिसंबर 2024 को पहलवान को भेजे गए ईमेल में लिखा था, ‘‘हमने आपके संन्यस पर ध्यान दिया है जिसकी जानकारी 20.12.2024 को आईटीए को दे दी गई थी। ’’
मेल में विनेश को यह भी बताया गया कि उन्हें ‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ (आरटीपी) से हटा दिया गया है और अब उन्हें अपने रहने की जगह की जानकारी देने की जरूरत नहीं है।
इसमें यह भी साफ तौर पर बताया गया था कि अगर वह सक्रिय भागीदारी में वापस आना चाहती हैं तो वह विश्व डोपिंग रोधी संहिता के अनुच्छेद 5.6.1 के अनुसार आईटीए या अंतरराष्ट्रीय महासंघ को छह महीने पहले नोटिस देकर जांच के लिए ‘खुद को उपलब्ध कराने तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगी। ’
वाडा के नियम में कहा गया है कि नियम (5.6.1) का उल्लंघन करके मिला कोई भी प्रतिस्पर्धी नतीजा अयोग्य (डिसक्वालीफाई) कर दिया जाएगा जब तक कि एथलीट यह साबित नहीं कर दे कि उसे ‘ठीक से पता नहीं था’ कि टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट था। छह महीने का समय खिलाड़ियों को जांच प्रक्रिया से बाहर लंबे समय तक रहने और फिर बिना सही निगरानी के सीधे टूर्नामेंट में लौटने से रोकने के लिए है।
विनेश ने 12 दिसंबर को संन्यास से वापसी की घोषणा की और 18 दिसंबर को डोपिंग रोधी जांच में चूक कर दी जिसे आईटीए ने वापसी की घोषणा के बाद 12 महीने की अवधि में स्थान की जानकारी देने में उनकी पहली विफलता के रूप में दर्ज किया।
ऐसा तीन दफा करने से खिलाड़ी पर प्रतिबंध लग सकता है।
पीटीआई ने सोमबीर से संपर्क किया लेकिन संदेश और कॉल का जवाब नहीं मिला।
वहीं डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि महासंघ ने विनेश को टूर्नामेंट में लौटने से रोकने के लिए अपने चयन मानदंड में बदलाव किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बात कि डब्ल्यूएफआई ने विनेश को रोकने के लिए चयन नीति बदली है, पूरी तरह गलत है। हमने फरवरी में ही भारतीय खेल प्राधिकरण और खेल मंत्री को मानदंड के बारे में बता दिया था। राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट दर्ज नहीं था और हमने अब भी वही नीति रखी है। ’’
2025 राष्ट्रीय, 2026 फेडरेशन कप और 2026 अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए योग्य होंगे।
विनेश की वापसी को लेकर विवाद हाल के हफ्तों में और बढ़ गया है, जब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्होंने संन्यास के बाद छह महीने की जरूरी ‘रिटर्न-टू-टेस्टिंग’ की जरूरत पूरी की है।
भाषा नमिता
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