टी20 विश्व कप के तीसरे चरण के टिकटों की बिक्री शुरू

टी20 विश्व कप के तीसरे चरण के टिकटों की बिक्री शुरू

टी20 विश्व कप के तीसरे चरण के टिकटों की बिक्री शुरू
Modified Date: February 3, 2026 / 07:48 pm IST
Published Date: February 3, 2026 7:48 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने आगामी टी20 विश्व कप की टिकटों की बिक्री के तीसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की।

इससे पहले 11 दिसंबर 2025 और 14 जनवरी 2026 को शुरुआती दो चरण में टिकटों की बिक्री हुई जो काफी सफल रही।

बीसीसीआई ने विज्ञप्ति में कहा कि नवीनतम चरण प्रशंसकों को दुनिया की शीर्ष टीमों की मौजूदगी वाले इस टूर्नामेंट के दौरान होने वाले मुकाबलों के लिए सीट सुरक्षित का एक और मौका देता है।

शनिवार से शुरू होने वाला टी20 विश्व कप भारत के कुछ सबसे जाने-पहचाने क्रिकेट स्थलों पर खेला जाएगा जिससे ऐसा माहौल बनेगा जहां प्रशंसक पूरे टूर्नामेंट के दौरान शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और टी20 प्रारूप से जुड़े जज्बे को देख सकेंगे।

जैसे-जैसे मेजबान शहरों में तैयारियां आखिरी चरण में पहुंच रही हैं तो बीसीसीआई संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर आयोजन स्थलों की तैयारी, संचालन योजना और मैच के दिन के अनभव पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

बीसीसीआई को उन मुकाबलों के लिए भी दर्शकों के अच्छी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है जिसमें भारत नहीं खेलेगा।

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, ‘‘आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप एक वैश्विक स्तर की प्रतियोगिता है और बीसीसीआई आईसीसी के साथ मिलकर यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इसे शीर्ष स्तर के साथ आयोजित किया जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘टिकट बिक्री का तीसरा चरण शुरू होने के साथ हम अपने स्टेडियम में उन मुकाबलों के लिए प्रशंसकों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं जो सभी प्रतिभागी टीम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की गहराई और प्रतिस्पर्धा को दिखाते हैं।’’

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘टिकटों से जुड़ी शुरुआती दो चरण की प्रतिक्रिया काफी अच्छी रही और यह इस विश्व कप को लेकर उत्सुकता को दिखाती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब जब तैयारियां अपने आखिरी चरण में हैं तो हमारा ध्यान ऐसा माहौल तैयार करने पर है जहां खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें और दर्शक पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे शीर्ष और ऐतिहासिक स्थलों पर शीर्ष स्तर के टी20 क्रिकेट का पूरा अनुभव ले सकें।’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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