ठाणे, 13 जुलाई (भाषा) शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने सोमवार को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ठाकरे गुट अयोध्या के भगवान राम मंदिर के मामलों पर तो सवाल उठा रहा है, लेकिन वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार पर चुप है।
म्हास्के ने इसे ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ और ‘हिंदू धर्म के प्रति नफरत’ करार दिया।
यहां एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे राजनीतिक फायदे के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि साल 2019 के विधानसभा चुनावों में शिवसेना-भाजपा गठबंधन को बहुमत मिलने के बाद भी ठाकरे ने सत्ता के लिए बाल ठाकरे की विचारधारा को छोड़ दिया।
शिवसेना (उबाठा) पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे ‘उलेमा बचाओ टोली’ कहा और सवाल उठाया कि पार्टी वक्फ बोर्ड की कथित गड़बड़ियों के खिलाफ क्यों नहीं बोलती।
सांसद ने आरोप लगाया कि शिवसेना (उबाठा) राम मंदिर ट्रस्ट पर सिर्फ इसलिए सवाल उठा रही है, क्योंकि इस भव्य मंदिर का निर्माण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के कार्यकाल में हुआ है।
फिलहाल, एक विशेष जांच दल (एसआईटी) राम मंदिर में दान के पैसे के कथित गबन के आरोपों की जांच कर रहा है।
भाषा सुमित वैभव
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