Umpire Manik Gupta Dies on Field: मैच के दौरान अंपायर की मौत, टी20 विश्वकप के बीच क्रिकेट के मैदान से आई दुखद खबर / Image: IBC24 Customized
उन्नाव: Umpire Manik Gupta Dies on Field उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में एक क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के हमले में एक बुजुर्ग अंपायर की मौत हो गई तथा कई अन्य खिलाड़ी जख्मी हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के शुक्लागंज स्थित सप्रू मैदान में बुधवार को कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) द्वारा आयोजित किया जा रहे एक मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक मैदान पर मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि इस हमले से मैदान में अफरातफरी मच गई और खिलाड़ी व दर्शक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
Umpire Manik Gupta Dies on Field प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मैच में अंपायरिंग कर रहे 65 वर्षीय माणिक गुप्ता मधुमक्खियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले शुक्लागंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर एलएलआर अस्पताल (हैलट) कानपुर भेजा गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हैलट अस्पताल में चिकित्सकों ने गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मधुमक्खियों के हमले में जख्मी कई खिलाड़ियों को भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस घटना में एक अन्य अंपायर और लगभग 15 से 20 खिलाड़ी भी डंक लगने से घायल हुए हैं। केसीए के पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। केसीए के अध्यक्ष एसएन सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कानपुर में ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्नाव में एक क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड के हमले में अंपायर माणिक गुप्ता की मौत हो गई है। सिंह ने बताया कि जब गुप्ता को अस्पताल ले जाया गया तब भी मधुमक्खियां उनके चेहरे और शरीर से चिपकी हुई थीं जिससे पता चलता है कि हमला कितना गंभीर था। सिंह ने एसोसिएशन की ओर से संवेदना भी जताई और कहा कि केसीए इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।
घटना के बाद स्टेडियम परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान या उसके आसपास कहीं मधुमक्खियों का छत्ता हो सकता है, जिससे यह स्थिति बनी। प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली गई है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब छोटे बच्चों का मैच चल रहा था। खेल के दौरान अचानक हुए इस हमले ने खिलाड़ियों और अभिभावकों को झकझोर दिया है। जिस मैदान पर कुछ देर पहले तक खेल का उत्साह था, वहां घटना के बाद सन्नाटा छा गया। स्थानीय खेल संगठनों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों से पहले सुरक्षा जांच को अनिवार्य बनाने की मांग की है। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को भी हर मैच का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।