… सौम्योज्योति एस चौधरी …
नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) भारतीय बैडमिंटन के ‘जायंट किलर (बड़े खिलाड़ियों को शिकस्त देने वाले)’ आयुष शेट्टी ने सोमवार को मौजूदा चैंपियन और विश्व नंबर-एक शी यू की पर दर्ज की गई शानदार जीत को अपने करियर के लिए ‘खास’ करार दिया, लेकिन साथ ही साफ कर दिया कि बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में उनका काम अभी पूरा नहीं हुआ है। बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में 1965 के बाद पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने 21 वर्षीय शेट्टी ने 21-14, 13-21, 21-19 से जीत दर्ज कर पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया। कर्नाटक के इस खिलाड़ी अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने के बाद कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। यह वास्तव में बहुत खास जीत है। मैं आज जिस तरह खेला, उससे बेहद खुश हूं। मुझे पता था कि यह मुकाबला बहुत कठिन होगा और मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मैं मानसिक और शारीरिक रूप से इसके लिए तैयार था।’’ शेट्टी तीसरे और निर्णायक गेम में एक समय 10 अंक से आगे थे लेकिन शी ने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए स्कोर 20-19 कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद से संयम बनाये रखने के लिए कह रहा था। वह तेजी से वापसी कर रहे थे और लय भी उनके पक्ष में थी। मैं जो भी करने की कोशिश कर रहा था, वह किसी तरह उसे सफल नहीं होने दे रहे थे। इसलिए मैं खुद से शांत रहने और आक्रामक बने रहने के लिए कह रहा था।’’ शेट्टी ने बताया कि उनके कोच ने उन्हें हर अंक का आनंद लेने की सलाह दी थी। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना भी उनके लिए खास अनुभव रहा। यूएस ओपन 300 के चैंपियन शेट्टी ने कहा, ‘‘मेरे कोच ने मुझसे कहा था कि हर अंक का आनंद लो। यह शानदार मुकाबला था और घरेलू सरजमीं पर खेलना मेरे लिए बहुत बड़ा अवसर था। हमारे पास एक ठोस रणनीति थी और हम उसे अमल में लाने में सफल रहे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ घरेलू दर्शकों की मौजूदगी निश्चित रूप से यह मेरे लिए ऊर्जा बढ़ाने वाली थी। जिस तरह वे खड़े होकर मेरा समर्थन कर रहे थे, उसे देखकर मैं बेहद खुश था। सभी को मेरी हौसलाअफजाई करते देख मुझे काफी ऊर्जा मिली।’’ घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप जीतने का सपना हर खिलाड़ी देखता है, लेकिन शेट्टी फिलहाल उस सपने से आगे की सोचने के बजाय अगले मुकाबले पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘घर में विश्व चैंपियनशिप जीतना निश्चित रूप से एक ऐसा सपना है, जिसे बड़े होते हुए आपने देखा होगा। आज मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, लेकिन फिलहाल मैं अगले दौर पर ध्यान देना चाहता हूं।’’ भाषा आनन्द सुधीरसुधीर