हमें पता चला है कि भारतीय खिलाड़ी डोपिंग से बचने के लिए भाग जाते हैं: आईटीए प्रमुख
हमें पता चला है कि भारतीय खिलाड़ी डोपिंग से बचने के लिए भाग जाते हैं: आईटीए प्रमुख
न्यूयॉर्क, दो मई (भाषा) ओलंपिक खेलों और अन्य प्रमुख वैश्विक प्रतियोगिताओं में डोपिंगरोधी कार्यक्रम का प्रबंधन करने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) के प्रमुख ने भारत में डोपिंग के मामलों की उच्च दर, खिलाड़ियों को ‘परीक्षण से पहले अग्रिम सूचना दिए जाने’ और उनका नमूना नहीं देने पर चिंता व्यक्त की है।
आईटीए के महानिदेशक बेंजामिन कोहेन ने एक रिपोर्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने यह संदेश दिया है कि यदि भारत 2036 खेलों की मेजबानी करना चाहता है, तो उसे ‘‘शासन और संरचनात्मक स्तर पर कई सुधार’’ करने होंगे।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के लिए खेल संबंधी खबरें कवर करने वाले ‘द एथलेटिक’ के अनुसार कोहेन ने कहा, ‘‘हम भारत में डोपिंग की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और हमें जमीनी स्तर पर हो रही कई घटनाओं के बारे में जानकारी मिल रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसे किस्से भी सुनने को मिल रहे हैं कि खिलाड़ी डोपिंग की जांच से बचने के लिए भाग जाते हैं। हमें यह भी जानकारी मिली है कि खिलाड़ियों को जांच से पहले अग्रिम सूचना दी जाती है।’’
आईओसी की ओर से डोपिंगरोधी परीक्षणों की देखरेख करने के अलावा लॉज़ेन स्थित आईटीए लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय खेल संघों के डोपिंगरोधी कार्यक्रमों का प्रबंधन भी करता है।
कोहेन ने कहा कि उन्होंने इटली के मिलानो कोर्टिना में हाल ही में हुए शीतकालीन ओलंपिक के दौरान नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधिकारियों से मुलाकात की और आईटीए के साथ मिलकर काम करने की उनकी स्पष्ट इच्छा से उन्हें काफी प्रोत्साहन मिला।
लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत को आईटीए के साथ मिलकर काम करने के लिए राजी करना आसान काम नहीं होगा क्योंकि इसे (भारत द्वारा) उसकी (डोपिंगरोधी) प्रणाली की विफलता की स्वीकारोक्ति के रूप में देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में स्पष्ट रूप से कहूंगा कि भारत का आईटीए के साथ जुड़ने में अभी भी कुछ प्रतिरोध है, क्योंकि भारत में यह धारणा हो सकती है कि यह लगभग प्रणाली की विफलता की स्वीकारोक्ति है या यह कि उन्हें अपनी समस्याओं से निपटने के लिए पर्याप्त सक्षम नहीं माना गया, इसलिए उन्हें एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ हाथ मिलाना पड़ रहा है।’’
कोहेन ने कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि वे (भारत) सही राह पर हैं क्योंकि अब यह स्पष्ट है कि आईओए और खेल मंत्रालय इस दिशा में कुछ करना चाहते हैं। उनके पास संसाधन हैं, इसलिए मुझे लगता है कि यह केवल कुछ समय की बात है।’’
भारत लगातार तीन वर्षों से विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) की डोपिंग का उल्लंघन करने की सूची में शीर्ष पर है। भारत 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा और वह 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है।
भाषा
पंत
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